12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स सम्मेलन से पहले राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था सख्त, ड्रोन गतिविधि, VVIP रूट में घुसने और आपत्तिजनक पोस्टर-पेंटिंग की आशंका
नई दिल्ली। ब्रिक्स सम्मेलन (BRICS Summit 2026) से पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स सम्मेलन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने चौकसी बढ़ा दी है। खुफिया ब्यूरो यानी आईबी की ओर से जारी अलर्ट के बाद सम्मेलन से जुड़े प्रमुख स्थानों, वीआईपी मार्गों, होटलों, एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर निगरानी बढ़ाई गई है।
न्यूज एजेंसी एएनआई ने आईबी के शीर्ष सूत्रों के हवाले से बताया है कि सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान कुछ तत्व भारत की छवि खराब करने के उद्देश्य से वीआईपी आवाजाही में बाधा डालने या सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं। इसे देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित गतिविधि को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं।
आईबी के अलर्ट में स्प्रे पेंट के जरिए सार्वजनिक स्थानों या दीवारों पर आपत्तिजनक तस्वीरें अथवा संदेश बनाए जाने की आशंका भी जताई गई है। इसके अलावा ड्रोन गतिविधि और वीआईपी रूट में प्रवेश करने की कोशिश को लेकर भी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क किया गया है। अलर्ट मिलने के बाद दिल्ली के महत्वपूर्ण इलाकों में निगरानी के साथ-साथ खुफिया जानकारी जुटाने का काम भी तेज कर दिया गया है।
रूस और चीन से जुड़े मुद्दों पर विरोध की आशंका
सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान कुछ संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर विरोध-प्रदर्शन की कोशिश हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक, सम्मेलन में शामिल देशों से जुड़े विवादों और संवेदनशील मामलों को विरोध के लिए इस्तेमाल किए जाने की संभावना पर भी नजर रखी जा रही है।
चीन से जुड़े तिब्बती विरोध-प्रदर्शनों और रूस से जुड़े मुद्दों को लेकर भी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। इसके अलावा खालिस्तान से जुड़े संभावित खतरों को लेकर भी सुरक्षा व्यवस्था में विशेष सावधानी बरती जा रही है। सम्मेलन में कई देशों के शीर्ष नेता और प्रतिनिधि शामिल होने वाले हैं, ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयारी कर रही हैं।
दिल्ली पुलिस ने बढ़ाई निगरानी
आईबी अलर्ट के बाद दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने राष्ट्रीय राजधानी के संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, एजेंसियों को समय-समय पर इस मुद्दे से संबंधित ईमेल भी मिलते रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए सोशल मीडिया और दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी निगरानी बढ़ाई गई है।
सम्मेलन से जुड़े आयोजन स्थलों के अलावा उन होटलों पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है, जहां विदेशी मेहमान और प्रतिनिधि ठहर सकते हैं। इसके साथ ही वीआईपी रूट, एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। सुरक्षा एजेंसियां इन स्थानों पर आने-जाने वाली गतिविधियों पर विशेष नजर रख रही हैं।
ब्रिक्स सम्मेलन में बड़ी संख्या में विदेशी प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच समन्वय पर भी जोर दिया जा रहा है। सम्मेलन के दौरान वीआईपी आवाजाही के कारण राजधानी के कई हिस्सों में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं।
सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी नजर
सुरक्षा एजेंसियों की नजर केवल जमीन पर होने वाली गतिविधियों तक सीमित नहीं है। संभावित विरोध, भड़काऊ संदेश अथवा सम्मेलन से जुड़ी किसी संदिग्ध गतिविधि को लेकर सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म की निगरानी भी बढ़ाई गई है।
आईबी के अलर्ट में आपत्तिजनक तस्वीरें बनाने के लिए स्प्रे पेंट के इस्तेमाल की आशंका का भी उल्लेख किया गया है। ऐसे में सम्मेलन से पहले दिल्ली के महत्वपूर्ण इलाकों में सार्वजनिक स्थानों और दीवारों पर होने वाली गतिविधियों को लेकर भी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं।
ड्रोन गतिविधि और VVIP रूट पर खास नजर
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान सुरक्षा के लिहाज से वीआईपी आवाजाही वाले मार्ग सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शामिल हैं। आईबी ने इन मार्गों में किसी तरह की घुसपैठ की कोशिश की आशंका जताई है। इसके अलावा ड्रोन गतिविधि को लेकर भी एजेंसियों को सतर्क किया गया है।
सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय स्तर के नेताओं और प्रतिनिधियों की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां वीआईपी मूवमेंट के दौरान किसी भी तरह की बाधा को रोकने के लिए अतिरिक्त निगरानी कर रही हैं। एयरपोर्ट से लेकर प्रतिनिधियों के ठहरने वाले स्थानों और सम्मेलन स्थल तक सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होगा ब्रिक्स सम्मेलन
भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। भारत इससे पहले भी ब्रिक्स की अध्यक्षता कर चुका है और यह चौथा अवसर है जब भारत इस समूह की अध्यक्षता कर रहा है।
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान सदस्य देशों के बीच वैश्विक और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होगी। ऐसे में सम्मेलन से पहले राजधानी में सुरक्षा को लेकर किसी तरह का जोखिम नहीं लिया जा रहा है। आईबी अलर्ट के बाद दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी का दायरा और बढ़ा दिया है।
ब्रिक्स जैसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में दुनिया के कई प्रमुख देशों के नेता और प्रतिनिधि हिस्सा लेते हैं। इसलिए सुरक्षा एजेंसियों के सामने सम्मेलन को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के साथ-साथ वीआईपी आवाजाही को सुचारु बनाए रखने की भी बड़ी जिम्मेदारी है। फिलहाल दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं और सम्मेलन शुरू होने तक निगरानी लगातार जारी रहने की संभावना है।