आनलाइन एजुकेशन के लिए नई व्यवस्था

एप पर होगा पहली से 8वीं तक के स्टूडेंट्स का असेसमेंट टेस्ट ,वही शिक्षक बने विद्यार्थी, दिया नॉलेज टेस्ट


स्टूडेंट्स असेसमेंट टेस्ट (सैट) को लेकर शिक्षा विभाग इस बार नई पहल करने जा रहा है। इस बार असेसमेंट टेस्ट आनॅलाइन तरीके से लिए जाएंगे। अवसर एप के जरिए एक से आठ कक्षा तक के विद्यार्थियों के टेस्ट लिए जाएंगे। इस बार एक बड़ा बदलाव किया गया है। सब्जेक्टिव की जगह ऑब्जेक्टिव प्रश्न टेस्ट में आएंगे। हालांकि, अभी टेस्ट की तारीख तय नहीं की गई है। जनवरी में पढ़ाए पाठ्यक्रम के आधार पर यह टेस्ट लिया जाएगा। विभागीय अधिकारियों ने टेस्ट की तैयारी शुरू कर दी है। संभावना है कि 26 जनवरी के बाद शेड्यूल जारी किया जा सकता है।  अवसर एप पर एक से 12वीं तक के 73 फीसदी स्टूडेंट्स रजिस्टर्ड हो चुके हैं। हरियाणा सेकंडरी स्कूल एजुकेशन के असिस्टेंट डायरेक्टर नंद किशोर वर्मा ने बताया कि अवसर एप पर सरकारी स्कूलों से एक लाख 60 हजार से ज्यादा विद्यार्थी उपस्थिति दर्ज कराकर शैक्षणिक गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार अवसर एप पर सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन कराने वाले जिलो में फतेहाबाद नंबर वन है। फतेहाबाद के 87 फीसदी, पलवल के 83 फीसदी, फरीदाबाद के 82 फीसदी, कैथल के 80 फीसदी विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है। 100 फीसदी रजिस्ट्रेशन कराने के लिए सभी निर्देश दिए गए हैं। रोहतक ब्लॉक की बीईओ आशा दहिया ने बताया कि कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों के बीच सैट कराने के आदेश आ चुके हैं। वही शिक्षकों को अपडेट रखने के लिए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड सचिव राजीव प्रसाद द्वारा तैयार नए फार्मूले के तहत हरियाणा में शिक्षकों की पहली नॉलेज टेस्ट परीक्षा हुई। इसकी शुरुआत सर्वपल्ली राधाकृष्ण लैब स्कूल से हुई। प्रिंसिपल समेत सभी स्कूल शिक्षक विद्यार्थियों की तरह कक्षाओं में परीक्षा देते नजर आए। वहीं बोर्ड अधिकारी शिक्षक बन ड्यूटी देते दिखे। बोर्ड अधिकारियों ने निरीक्षण भी किया। करीब डेढ़ घंटे तक चली परीक्षा में शिक्षकों से 50 प्रश्न पूछे गए थे। पहली परीक्षा का परिणाम भी इसी सप्ताह घोषित किया जाएगा। स्कूल की प्रिंसिपल समेत सभी करीब 37 शिक्षकों ने डेढ़ घंटे की यह परीक्षा दी। परीक्षा के बाद शिक्षक बच्चों की तरह परीक्षा को लेकर विचार-विमर्श भी करते नजर आए। परीक्षा के दौरान बोर्ड चेयरमैन डॉ. जगबीर सिंह और सचिव राजीव प्रसाद ने परीक्षा केंद्र का दौरा भी किया। कोविड-19 सुरक्षा नियमों के तहत परीक्षार्थियों को बैठाया गया था। परीक्षा के लिए शिक्षकों को बाकायदा रोल नंबर भी जारी किए गए थे और बच्चों की तरह ही कोविड-19 नियमानुसार मास्क पहनकर आने पर ही प्रवेश दिया गया।

परीक्षा में शिक्षकों से 50 प्रश्न पूछे गए थे। जिनमें एक से 40 तक एक-एक अंक के मल्टीपर्पस च्वाइस टाइप प्रश्न थे। 41 से 50 तक के 10 प्रश्नों के जवाब 50 शब्दों में देने थे। ये प्रत्येक प्रश्न छह अंक का था। शिक्षकों इस भाग में कोविड वैक्सीन की ड्राई रन से क्या तात्पर्य है, एक वैक्सीन किस तरह कार्य करती है, राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण क्या है, राष्ट्रीय शिक्षा नीति में ए, बी, सी का क्या अर्थ है आदि रहे। परीक्षा को लेकर जहां कुछ शिक्षक उत्साहित थे तो कुछ नर्वस नजर आए। परीक्षा के बाद भी शिक्षकों की मिलीजुली प्रतिक्रिया रही। कुछ शिक्षक इस नॉलेज टेस्ट का विरोध भी कर रहे हैं।

सुपर ब्रेन योग का भी किया था प्रयोग

बच्चों का दिमाग तेज करने के लिए बोर्ड सचिव राजीव प्रसाद ने पिछले वर्ष सुपर ब्रेन योग का प्रयोग किया था। इसे भी पहले सर्वपल्ली राधाकृष्ण स्कूल के बच्चों पर ट्रायल किया गया था। मगर कोविड-19 के चलते स्कूल बंद होने के कारण यह प्रयोग अधूरा रह गया। राजीव प्रसाद, सचिव हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने कहा कि शिक्षकों को अपडेट करने का यह बेहतर तरीका है। अपडेट शिक्षक ही बच्चों को बेहतर तरीके से किसी विषय के बारे में बता सकता है। बच्चे कभी भी किसी भी शिक्षक से जानकारी के लिए कोई भी जनरल नॉलेज का प्रश्न पूछ सकता है। ऐसे में जरूरी है कि शिक्षक वर्तमान की देश-विदेश की गतिविधियों से अपडेट रहे। इसी सप्ताह इस परीक्षा का परिणाम घोषित किया जाएगा। शिक्षकों पर विद्यार्थियों का भविष्य निर्भर है। इसलिए उनका अपडेट रहना बहुत जरूरी है-

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