DSP Salary and Power : क्रिकेट की पिच पर अपनी रफ्तार से दिग्गज बल्लेबाजों के होश उड़ाने वाले दो धाकड़ गेंदबाज अब जल्द ही खाकी वर्दी में नजर आएंगे। बिहार के दो लाल आकाश दीप और मुकेश कुमार, जिन्होंने अपनी कातिलाना गेंदबाजी और कड़ी मेहनत से टीम इंडिया तक का सफर तय किया, अब एक बिल्कुल नए और दमदार अवतार में दिखने वाले हैं। बिहार सरकार ने खेलों को बढ़ावा देने की अपनी खास नीति के तहत इन दोनों ही क्रिकेटरों को सीधे डीएसपी के पद पर नियुक्त किया है। यह खबर सामने आते ही उनके चाहने वालों में खुशी की लहर दौड़ गई है। सच कहें तो, जिस रुतबेदार पद को पाने के लिए देश के लाखों युवा दिन-रात एक करके बीपीएससी (BPSC) जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, वो मुकाम इन दोनों खिलाड़ियों ने अपने शानदार खेल के दम पर हासिल कर लिया है।
मुकेश कुमार और आकाश दीप, दोनों की ही कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। गोपालगंज के रहने वाले मुकेश कुमार ने कभी टेनिस बॉल से क्रिकेट की शुरुआत की थी। पिता ऑटो चलाते थे और परिवार की माली हालत कुछ खास नहीं थी, लेकिन मुकेश ने हार नहीं मानी। वहीं, रोहतास जिले के आकाश दीप का सफर भी आंसुओं और संघर्षों से भरा रहा है। एक समय ऐसा था जब उन्होंने अपने पिता और बड़े भाई को खो दिया था, लेकिन क्रिकेट के प्रति उनकी दीवानगी और जुनून ने उन्हें रुकने नहीं दिया। आज ये दोनों न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का परचम लहरा रहे हैं, बल्कि बिहार पुलिस के बड़े अधिकारी भी बन गए हैं।
रुतबे और पावर के साथ-साथ इस पद पर मिलने वाली तनख्वाह भी काफी शानदार होती है। बिहार में एक डीएसपी को पे लेवल 9 के तहत सैलरी दी जाती है। सैलरी की बात करें तो बेसिक पे 53,100 रुपये से शुरुआत होती है। साथ ही महंगाई भत्ता यानी डीए 50% के करीब 26,550 (लगभग) होता है। मकान किराया भत्ता 4,200 से 8,400 रुपये शहर के अनुसार। यात्रा भत्ता 2,000 – 4,000 मिलते हैं। यानी शुरुआती ग्रॉस सैलरी 85,000 – 92,000 प्रतिमाह हो जाती है। ध्यान दें कि इसमें से पीएफ (PF) और टैक्स कटने के बाद, एक नए डीएसपी के खाते में हर महीने लगभग 70,000 से 75,000 की इन-हैंड सैलरी आती है। जैसे-जैसे अनुभव बढ़ता है, यह सैलरी लाखों में पहुंच जाती है।
डीएसपी की असली ताकत सिर्फ उनकी सैलरी में नहीं, बल्कि उन्हें मिलने वाली सरकारी सुविधाओं में छिपी होती है। एक अधिकारी के तौर पर आकाश दीप और मुकेश कुमार को कई शानदार भत्ते मिलेंगे। रहने के लिए एक बेहतरीन सरकारी बंगला या क्वार्टर मिलता है। सफर और ड्यूटी के लिए एक नीली बत्ती वाली सरकारी गाड़ी (अमूमन बोलेरो या स्कॉर्पियो) और एक ड्राइवर हमेशा साथ रहता है। रुतबे के हिसाब से सुरक्षा के लिए अंगरक्षक भी मुहैया कराए जाते हैं। खुद के और परिवार के लिए शानदार मेडिकल सुविधाएं, फ्री टेलीफोन बिल और बिजली भत्ते जैसी सहूलियतें भी इस पैकेज का हिस्सा हैं।