जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वालों का जीवन नर्क बना देंगे; क्या PM मोदी ने कही ऐसी बात?

जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार छात्रों और खासकर जेन-जी को संबोधित कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने हाल के कुछ दिनों में इंस्टाग्राम पर कई वीडियो शेयर किए हैं। उनके वीडियो के डीपफेक वीडियो भी बनाए जाने लगे हैं। पाकिस्तान में बैठे भारत विरोधी ताकतें छात्रों को भड़काने के लिए कई तरह के फर्जी वीडियो बनाकर इसे सोशल मीडियो में शेयर कर रहे हैं। आज भी एक ऐसा ही वीडियो वायरल हुआ जिसमें दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वालों को धमकी दी है।

प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने इस फर्जी वीडियो का खंडन किया है। इस वीडियो में झूठा दावा किया जा रहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कथित NEET पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर कार्रवाई की बात कही है। एक्स पर एक पोस्ट के जरिए PIB फैक्ट चेक ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान प्रायोजित प्रोपेगैंडा अकाउंट द्वारा शेयर किया जा रहा यह वीडियो पूरी तरह से डीपफेक है।

PIB फैक्ट चेक ने एक्स पर लिखा, “यह वीडियो फर्जी है और इसके साथ डिजिटल रूप से छेड़छाड़ की गई है। प्रधानमंत्री ने प्रदर्शनकारी छात्रों के संबंध में ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की है।” एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि वे सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें और सोशल मीडिया पर इस तरह के भ्रामक कंटेंट को शेयर करने से बचें।
पीआईबी के अनुसार, वायरल क्लिप को प्रधानमंत्री मोदी के उस मूल वीडियो से एडिट कर बनाया गया है जिसमें उन्होंने सार्वजनिक परीक्षा (संशोधन) विधेयक, 2026 के संसद में पारित होने पर बात की थी। प्रधानमंत्री ने कहा था कि यह कानून भारत की परीक्षा प्रणाली को अधिक मजबूत बनाएगा। उन्होंने पेपर लीक पर रोक लगाने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की रूपरेखा पेश की थी।

मूल वीडियो में प्रधानमंत्री ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा था कि सरकार ने एक फुल-प्रूफ परीक्षा प्रणाली विकसित करने के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया है, फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित किए हैं, राज्यों से परामर्श किया है और सख्त कानूनी ढांचा तैयार किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा था, “हमने एक विश्वसनीय शिक्षा प्रणाली की दिशा में लगातार कदम उठाए हैं। दशकों से राज्य और केंद्र सरकारें परीक्षा-पत्र लीक की समस्या का सामना कर रही हैं। बच्चों का भविष्य अनिश्चितता का सामना कर रहा था। शिक्षा सुधार केंद्र और राज्यों दोनों के लिए अनिवार्य है।”

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने पेपर लीक माफिया को सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था, “इसमें तकनीक का उपयोग आवश्यक है। पेपर लीक आयोजित करने वाला कोई भी समूह जो देश के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करता है उसे बख्शा नहीं जाएगा।”

PIB फैक्ट चेक ने स्पष्ट किया कि पूरे मूल वीडियो में प्रधानमंत्री ने कहीं भी जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल होने वाले छात्रों के खिलाफ किसी कार्रवाई या उन्हें धमकाने वाली बात नहीं कही है।

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