कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फाउंडर अभिजीत दीपके कई सालों तक आम आदमी पार्टी (आप) के साथ काम कर चुके हैं, यह तो जगजाहिर है। दीपके ने अब दावा किया है कि उन्होंने कम पैसे मिलने की वजह से ‘आप’का साथ छोड़ा और पढ़ाई करने विदेश चले गए ताकि भविष्य में वह ज्यादा पैसे कमा सकें। हालांकि, दीपके के इस दावे से कुछ नए सवाल भी खड़े हो गए हैं।
अभिजीत दीपके ने इससे कहा था कि उन्होंने 2020 से 2023 तक ‘आप’ के साथ काम किया था। हालांकि, उनके कुछ ऐसे भी वीडियो और ट्वीट सोशल मीडिया पर वायरल हुए जिनके मुताबिक उनका ‘आप’ के साथ जुड़ाव महज 3 साल का नहीं था। दीपके ने ‘न्यूज 24’ को दिए एक इंटरव्यू में ‘आप’ के लिए काम छोड़कर विदेश जाने की वजह को लेकर कहा कि उन्होंने यह फैसला पैसों के लिए किया। दीपके ‘आप’ की सोशल मीडिया टीम का हिस्सा थे।
अभिजीत दीपके बोले- पैसों की कमी की वजह से छोड़ी AAP
दीपके से सवाल किया गया कि आम आदमी पार्टी के कई संस्थापक सदस्य यह आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़कर चले गए कि वह अपने उद्देश्यों से भटक गई, क्या आपने भी इसी वजह से ऐसा किया कहा? सीजेपी फाउंडर ने कहा, ‘ईमानदारी से बताऊंगा कि पैसा ज्यादा नहीं मिल रहा था और कहीं ना कहीं… यह था कि अभी तक तो चला लिया, 20 के आसपास की उम्र तक, मिड 20 में आ गए, आगे जाकर परिवार संभालना है। जिम्मेदारी बढ़ेगी और फिर उसके लिए कुछ करना पड़ेगा तो उसके लिए सबसे अच्छा रास्ता क्या है।’
अमेरिका में पढ़ाई करके लौटे दीपके ने कहा, ‘सोचा कि बाहर चला जाऊंगा डिग्री ले लूंगा… मैं आम आदमी पार्टी में कई लोगों से मिला था जो बाहर पढ़कर आए थे। मुझे भी लगा कि बाहर पढ़ने गया तो अच्छी जॉब मिल जाएगी, थोड़ा ज्यादा पैसा कमा लूंगा। कोई झगड़ा नहीं था, व्यक्तिगत कारण था।’
अभिजीत दीपके के दावे से उठे दो सवाल
अभिजीत दीपके के इस दावे से दो बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। पहला यह कि क्या उनका जुड़ाव आम आदमी पार्टी के साथ सिर्फ पैसों के लिए था? हालांकि, 2020 से पहले और 2023 के बाद भी अभिजीत दीपके सोशल मीडिया पर आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल के कामकाज की तारीफ करते दिखते थे। दूसरा सवाल यह कि यदि दीपके ‘आप’ के साथ सिर्फ पैसों के लिए जुड़े हुए थे और वहां बहुत कम पैसे मिलते थे तो क्यों वह 2025 के विधानसभा चुनाव में अमेरिका से भारत आए और दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की पार्टी के लिए दो महीने तक काम किया? इन सवालों के सही जवाब अभिजीत दीपके ही दे सकते हैं। फिलहाल ‘आप’ की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।