ईरानी हमले में नेतन्याहू की मौत की अफवाह! 6 उंगलियों वाले वीडियो पर इजरायल ने बताया सच

ईरानी हमले में नेतन्याहू की मौत की अफवाह! 6 उंगलियों वाले वीडियो पर इजरायल ने बताया सच

ईरान और इजरायल के बीच जारी तनावपूर्ण हालात के बीच सोशल मीडिया पर इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu की मौत की अफवाह तेजी से फैल गई। इन अफवाहों को उस समय और हवा मिल गई जब इंटरनेट पर उनका एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उनके हाथ में छह उंगलियां दिखाई देने का दावा किया गया।

हालांकि इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने इन सभी दावों को पूरी तरह फर्जी बताया है और साफ कहा है कि प्रधानमंत्री सुरक्षित हैं और अपने पद पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।

इजरायल ने किया फेक न्यूज का खंडन

तुर्की की समाचार एजेंसी Anadolu Agency से बातचीत में इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि सोशल मीडिया पर चल रही खबरें पूरी तरह से फेक हैं।

सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री बिल्कुल सुरक्षित और स्वस्थ हैं। यह बयान उन अफवाहों को रोकने के लिए जारी किया गया जिनमें दावा किया जा रहा था कि ईरान के जवाबी हमलों में उन्हें निशाना बनाया गया है।

कैसे शुरू हुई मौत की अफवाह

दरअसल 13 मार्च को Benjamin Netanyahu के आधिकारिक एक्स (X) अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट किया गया था। इस वीडियो में वह मंच पर खड़े होकर भाषण देते दिखाई दे रहे थे।

सोशल मीडिया यूजर्स ने वीडियो के एक खास फ्रेम को जूम करके दावा किया कि उनके दाहिने हाथ में छह उंगलियां दिखाई दे रही हैं। इसके बाद कई लोगों ने यह कहना शुरू कर दिया कि यह वीडियो असली नहीं बल्कि AI से बनाया गया “डीपफेक” है।

कुछ यूजर्स ने यह भी दावा किया कि चूंकि प्रधानमंत्री पिछले कुछ दिनों से सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखाई नहीं दिए हैं, इसलिए सरकार उनकी मौत छिपाने के लिए पुराने वीडियो या AI तकनीक का इस्तेमाल कर रही है।

विशेषज्ञों ने बताया तकनीकी भ्रम

फैक्ट-चेक करने वाली संस्थाओं और तकनीकी विशेषज्ञों ने इन दावों को गलत बताया है। उनके अनुसार वीडियो में दिखाई देने वाली “छठी उंगली” असल में कैमरे के एंगल, हाथ की तेज गति और लाइटिंग के कारण बना एक ऑप्टिकल इल्यूजन है।

विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार वीडियो के फ्रेम को जूम करने पर हथेली का हिस्सा उंगली जैसा दिखाई देता है, जिससे ऐसा भ्रम पैदा हो सकता है।

आखिरी बार कब दिखाई दिए नेतन्याहू

इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu को आखिरी बार 12 और 13 मार्च को वीडियो संदेशों के जरिए देखा गया था।

अपने संबोधन में उन्होंने ईरान के नए सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei को चेतावनी देते हुए कहा था कि इजरायल ईरान और हिजबुल्लाह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रहा है और अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर कदम उठाएगा।

युद्ध के माहौल में बढ़ीं फेक खबरें

दरअसल मौजूदा तनाव उस समय और बढ़ गया जब ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की एक हवाई हमले में मौत की खबर सामने आई। इसके बाद से पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बन गए हैं।

इसी तनावपूर्ण माहौल का फायदा उठाकर सोशल मीडिया पर कई तरह की भ्रामक खबरें और अफवाहें फैलने लगीं। विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध के दौर में डीपफेक वीडियो और गलत जानकारी एक नए हथियार के रूप में इस्तेमाल की जा रही हैं।

सच क्या है

इजरायली सरकार के अनुसार प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनके बारे में फैल रही मौत की खबरें निराधार हैं।

“छह उंगलियों” वाला विवाद भी तकनीकी भ्रम या वीडियो एंगल की वजह से पैदा हुआ मामला बताया जा रहा है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही ध्यान दें।