भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव: नामांकन आज, राजस्थान की भूमिका सबसे अहम

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव को लेकर संगठन में तेज हलचल


भारतीय जनता पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर पार्टी संगठन में सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सोमवार को दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पार्टी के राष्ट्रीय निर्वाचन अधिकारी लक्ष्मण द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे। इस अवसर पर पार्टी के लगभग सभी मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे, जिससे भाजपा मुख्यालय में शीर्ष नेतृत्व का जमावड़ा देखने को मिलेगा।

राजस्थान की भूमिका इस बार सबसे खास

राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में इस बार राजस्थान की भूमिका को बेहद अहम माना जा रहा है। राजस्थान से भाजपा के 20 वरिष्ठ नेताओं को प्रस्तावक के रूप में नामित किया गया है। इनमें संगठन और सरकार, दोनों का संतुलित प्रतिनिधित्व दिखाई देता है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, दोनों उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और प्रेमचंद बेरवा जैसे बड़े नाम प्रस्तावकों की सूची में शामिल हैं। इसके अलावा कई केंद्रीय और राष्ट्रीय स्तर के नेता भी इस सूची का हिस्सा हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में राजस्थान से प्रस्तावकों का चयन यह संकेत देता है कि पार्टी राज्य नेतृत्व को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष महत्व दे रही है।

दिल्ली में दिखेगा शीर्ष नेतृत्व का जमावड़ा

सोमवार को होने वाले नामांकन कार्यक्रम के दौरान भाजपा मुख्यालय में पार्टी के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी रहेगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी नामांकन प्रक्रिया में भाग लेने के लिए दिल्ली पहुंचेंगे। इस दौरान उनकी केंद्रीय मंत्रियों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से कई अहम मुलाकातें प्रस्तावित हैं। माना जा रहा है कि इन बैठकों में केवल संगठनात्मक विषय ही नहीं, बल्कि आगामी राजनीतिक रणनीतियों और चुनावी तैयारियों पर भी चर्चा हो सकती है।

राजस्थान से ये 20 नेता बने प्रस्तावक

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्वाचन के लिए राजस्थान से जिन 20 नेताओं को प्रस्तावक बनाया गया है, उनकी सूची इस प्रकार है—

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा,
प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़,
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे,
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी,
उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बेरवा,
राष्ट्रीय मंत्री अलका गुर्जर,
अरुण चतुर्वेदी,
अशोक परनामी,
सतीश पूनिया,
सीपी जोशी,
पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़,
राज्यसभा सदस्य घनश्याम तिवाड़ी,
सांसद मंजू शर्मा,
ओंकार सिंह लखावत,
सी. आर. चौधरी,
जसवंत विश्नोई,
कैलाश चौधरी,
प्रभु लाल सैनी,
नारायण पंचारिया,
अजय पाल सिंह।

पार्टी सूत्रों के अनुसार यह सूची न केवल संगठनात्मक अनुभव को दर्शाती है, बल्कि राजस्थान भाजपा के भीतर मौजूद विभिन्न राजनीतिक धाराओं का भी प्रतिनिधित्व करती है।

20 जनवरी को होगा नए अध्यक्ष का औपचारिक ऐलान

नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की औपचारिक घोषणा 20 जनवरी को की जाएगी। पार्टी में लंबे समय से इस ऐलान का इंतजार किया जा रहा था। उल्लेखनीय है कि बिहार के पांच बार के विधायक नितिन नबीन को 14 दिसंबर को भाजपा का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। हालांकि खरमास के कारण वे औपचारिक रूप से अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण नहीं कर सके थे। 14 जनवरी को खरमास की अवधि समाप्त होने के बाद अब पूरी प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

संगठन को मजबूत करने पर रहा है फोकस

कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद से नितिन नबीन लगातार सक्रिय नजर आए हैं। उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों का दौरा कर पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ बैठकें कीं। उनका फोकस संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और आगामी चुनावों की रणनीति तय करने पर रहा है। इससे पहले वे पार्टी में कई अहम संगठनात्मक पदों पर रह चुके हैं, जिनमें भारतीय जनता युवा मोर्चा के बिहार अध्यक्ष का पद भी शामिल है।

राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम प्रक्रिया

भाजपा का यह राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव ऐसे समय में हो रहा है, जब पार्टी लोकसभा चुनावों के बाद नए राजनीतिक समीकरणों को साधने और आगामी राज्यों के विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटी है। ऐसे में नए अध्यक्ष की भूमिका संगठनात्मक मजबूती, चुनावी रणनीति और सरकार व संगठन के बीच बेहतर समन्वय के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

राजस्थान से बड़ी संख्या में प्रस्तावकों का चयन यह साफ संकेत देता है कि पार्टी राज्य नेतृत्व को राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी और अहमियत दे रही है। अब सभी की निगाहें सोमवार के नामांकन और 20 जनवरी को होने वाले औपचारिक ऐलान पर टिकी हैं।