विदेशी हाथ और आपसी कलह… भाजपा ने लोकसभा चुनाव खराब नतीजों की खोज निकालीं ये 7 वजहें

लोकसभा चुनाव के नतीजे भाजपा की उम्मीदों से कमतर रहे हैं और उसके बाद से ही पार्टी में मंथन का दौर जारी है। राज्यों में पार्टी कार्यसमिति की बैठकें कर रही है, जिनमें चुनाव नतीजों की समीक्षा की जा रही है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान जैसे राज्यों में अब तक मीटिंग्स हो चुकी हैं। इन बैठकों में कुछ दिलचस्प सवाल भी उठे हैं कि आखिर भाजपा को चुनाव में ऐसे नतीजे क्यों देखने पड़े। इन बैठकों में राज्य के नेताओं के अलावा केंद्रीय स्तर से भी नेताओं को पर्यवेक्षक के तौर पर भेजा जा रहा है। यूपी में तो पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा खुद मौजूद थे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इन समीक्षा बैठकों में 7 बातें प्रमुखता से कही जा रही हैं।

इन मीटिंगों में एक बात यह सभी ने कही कि विपक्ष की ओर से संविधान बदलने और उसके आधार पर आरक्षण खत्म करने की अफवाह फैलाई गई। इसका असर यूपी, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में देखने को मिला, जहां ओबीसी और दलित वर्ग की अच्छी खासी आबादी है। उत्तर प्रदेश की मीटिंग में यह बात कही गई। इसके अलावा महाराष्ट्र में भी ऐसी ही चर्चा हुई। वहां तो सीएम एकनाथ शिंदे ने भी कहा कि इन अफवाहों के चलते नतीजे खराब आए हैं। उन्होंने माना कि एनडीए विपक्ष की ओर से फैलाई गई इन अफवाहों की काट नहीं कर सका।

आपसी कलह का भी जिक्र,  मुजफ्फरनगर का उदाहरण

भाजपा में आपसी कलह की बातें खूब कही जा रही हैं। समीक्षा बैठकों में भी इसका जिक्र हुआ। इसके अलावा यूपी में पिछले दिनों संगठन महामंत्री बीएल संतोष भी आए थे। इस दौरान कई नेताओं ने कहा कि हमने आपसी कलह के चलते तमाम सीटें गंवा दीं। मुजफ्फरगर जैसी हाईप्रोफाइल सीट की तो खूब चर्चा हो रही है। कहा जा रहा है कि यहां संगीत सोम और संजीव बालियान के बीच आपसी कलह के चलते नतीजा खिलाफ आया है।