ईरान में जारी व्यापक विरोध प्रदर्शनों और बढ़ती हिंसा के बीच सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है। इसमें दावा किया जा रहा है कि ईरान में कई भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि इन अफवाहों को सिरे से खारिज करते हुए भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहअली ने भारतीय और अफगान नागरिकों की गिरफ्तारी से जुड़ी रिपोर्टों को पूरी तरह झूठा बताया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे केवल सत्यापित और भरोसेमंद स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें।
राजदूत फतहअली का यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। अमेरिका स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी (HRANA) के अनुसार, विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत के बाद से अब तक 500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और कम से कम 30 प्रांतों में हिंसक झड़पें सामने आई हैं, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है।
सोशल मीडिया मंच X पर पोस्ट करते हुए ईरानी राजदूत ने कहा- ईरान में घटनाक्रम को लेकर कुछ विदेशी X अकाउंट्स पर जो खबरें फैलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह झूठी हैं। मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि वे केवल भरोसेमंद स्रोतों से ही समाचार लें। वह एक ऐसी पोस्ट पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसमें दावा किया गया था कि ईरानी पुलिस ने 10 अफगान और 6 भारतीय नागरिकों सहित कुछ ईरानी सहयोगियों को गिरफ्तार किया है।
ईरान में विरोध तेज होने के बाद से वहां की सरकार लगातार विदेशी तत्वों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया पर गलत नैरेटिव फैलाने का आरोप लगाती रही है। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक सूचनाएं फैलाई जा रही हैं, जिससे हालात को और भड़काया जा रहा है। इसी बीच भारत में भारतीय छात्रों के परिवारों को राहत देते हुए दो प्रमुख चिकित्सा संगठनों- ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) और फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशंस (FAIMA) ने संयुक्त रूप से बयान जारी कर कहा है कि ईरान में पढ़ रहे भारतीय छात्र सुरक्षित हैं और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
AIMSA और FAIMA के उपाध्यक्ष डॉ. मोहम्मद मोमिन खान ने समाचार एजेंसी ANI से कहा कि हमारे सभी छात्र सुरक्षित हैं। किसी भी तरह की अफवाहों से घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि दोनों संगठनों को ईरान के विभिन्न हिस्सों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों से सीधे अपडेट मिले हैं।
डॉ. खान के अनुसार, कई छात्रों ने स्वयं संपर्क कर अपने परिवारों के लिए संदेश भेजे हैं और आश्वस्त किया है कि वे मौजूदा हालात के बावजूद सुरक्षित हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और भारतीय दूतावास हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और छात्रों व स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं।