रेवाड़ी विधानसभा सीट पर वोट खरीदे जाते हैं, यह नई बात नही है
रणघोष अपडेट. रेवाड़ी
रेवाड़ी विधानसभा सीट पर चुनाव में मसले ओर मुददे एकदम अलग होते हैं। यहा सबसे ज्यादा चर्चा वोट खरीद फरोख्त की होती है। धारूहेड़ा कस्बा और शहर इसका प्रमुख केंद्र है। यहा की राजनीति समझ को गहराई से समझने वालों का कहना है की आमने सामने की लड़ाई में अलग अलग रास्तों से खरीदे जाने वाले वोट इतने मायने नही रखते जितने त्रिकोणीय मुकाबले में इनकी अहमियत हार जीत की अहम वजह बन जाती है। मतदान से 20 दिन पहले से ही वोटों को खरीदने के छोटे छोटे टेंडर जारी हो जाते हैं जिसमें गांव के सरपंच, नगर पार्षद, अलग अलग समाजों के संगठन पदाधिकारी, एनजीओ, सामाजिक ओर धार्मिक संस्थाए, कर्मचारी यूनियन तक शामिल है। एक वोट की कीमत एक हजार से शुरू होकर हालात के हिसाब से 5 हजार रुपए तक पहुंच जाती है। रात के समय यह सारा खेल चलता है। लगातार पिछली चार- पांच योजनाओं में वोटों को खरीदने को लेकर शोर भी मचता रहा है लेकिन मामला आरोप प्रत्यारोप में दबकर रह जाता है। इस बार कुछ उम्मीदवारों ने इस पूरे खेल का पर्दाफाश करने के लिए अभी से योजना बना ली है। वे उन लोगो तक पहुंच रहे हैं जो लगातार चुनाव में इस तरह का धंधा करते रहे हैं। चुनाव लड़ने वालों में अधिकांश सार्वजनिक तोर पर यह स्वीकार कर रहे हैं कि ऐसा होता है।