पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस की दस्तक, मिले दो संदिग्ध केस; मचा हड़कंप

पश्चिम बंगाल से बड़ी खबर सामने आई है। यहां पर निपाह वायरस के दो संदिग्ध मामले सामने आए हैं। उत्तर 24 परगना जिले के एक निजी अस्पताल में तैनात एक पुरुष और एक महिला नर्स में संक्रमण के लक्षण पाए गए हैं। दोनों को आइसोलेशन में वेंटिलेटर पर रखा गया है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, दोनों नर्सों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। दोनों के सैंपल को AIIMS कल्याणी स्थित ICMR की वायरस रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैबोरेटरी (VRDL) में जांच के लिए भेजा गया था, जहां प्रारंभिक जांच में निपाह वायरस संक्रमण का संदेह हुआ है। बताया जा रहा है कि एक नर्स नादिया जिले की रहने वाली है, जबकि दूसरी बर्धमान जिले की है।

वहीं, सूचना मिलते ही केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने स्थिति की समीक्षा करने और त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार के मुख्य सचिव और प्रधान सचिव (स्वास्थ्य) के साथ चर्चा की। राज्य सरकार को रोकथाम और सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी उपायों में सहायता प्रदान करने के लिए एक राष्ट्रीय प्रकोप प्रतिक्रिया दल तैनात किया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस (विषाणु) संक्रमण के दो मामले सामने आने पर केंद्र सरकार की तरफ से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। नड्डा ने कहा कि पश्चिम बंगाल के आईसीएमआर-एआईआईएमएस कल्याणी स्थित वायरस अनुसंधान एवं निदान प्रयोगशाला (वीआरडीएल) में 11 जनवरी 2026 को निपाह वायरस रोग के दो संदिग्ध मामलों की पहचान की गई है।

उन्होंने कहा कि निपाह वायरस संक्रमण की गंभीर प्रकृति को देखते हुए-जो एक ज़ूनोटिक रोग है, जिसमें मृत्यु दर अधिक है और जिसके तेजी से फैलने की संभावना रहती है-इस स्थिति को अत्यंत प्राथमिकता के साथ संभाला जा रहा है। नड्डा ने कहा कि मामले के सामने आने के साथ ही भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव ने पश्चिम बंगाल सरकार के मुख्य सचिव तथा प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) के साथ चर्चा की, ताकि स्थिति की समीक्षा की जा सके और त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। राज्य सरकार को रोकथाम और जनस्वास्थ्य प्रतिक्रिया उपायों में सहायता देने के लिए एक राष्ट्रीय संयुक्त प्रकोप प्रतिक्रिया दल तैनात किया गया है। इस दल में अखिल भारतीय स्वच्छता एवं जन स्वास्थ्य संस्थान कोलकाता, राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) पुणे, राष्ट्रीय महामारी विज्ञान संस्थान (एनआईई) चेन्नई, एआईआईएमएस (एम्स) कल्याणी और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अंतर्गत वन्यजीव विभाग के विशेषज्ञ शामिल हैं।

वहीं जेपी नड्डा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर केंद्र सरकार की तरफ से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। श्री नड्डा ने सुश्री ममता फोन पर भी बात की और स्थिति से निपटने में राज्य को हर आवश्यक सहायता प्रदान करने के केंद्र के संकल्प को दोहराया। नड्डा ने बताया कि केंद्र सरकार राज्य सरकार को व्यापक तकनीकी, लॉजिस्टिक और परिचालन सहयोग प्रदान कर रही है। प्रयोगशाला सहायता, सुदृढ़ निगरानी, रोगी प्रबंधन, संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण उपायों तथा विशेषज्ञ मार्गदर्शन सहित सभी आवश्यक संसाधन पहले ही जुटा लिए गए हैं। राज्य को तैनात विशेषज्ञ दलों के साथ निकट समन्वय बनाए रखने तथा सूक्ष्म संपर्क अन्वेषण (कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग) और अन्य रोकथाम उपायों को सख्ती से लागू करने की सलाह दी गई है।