उत्तर कोरिया ने समुद्र की ओर दागी अज्ञात मिसाइल, दक्षिण कोरिया में बढ़ी चिंता
North Korea Missile News: उत्तर कोरिया ने समुद्र की ओर अज्ञात मिसाइल दागी। दक्षिण कोरिया और जापान अलर्ट, अमेरिका के सहयोगी देशों में बढ़ी चिंता।
उत्तर कोरिया ने एक बार फिर मिसाइल परीक्षण कर क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा दिया है। मंगलवार को उत्तर कोरिया ने समुद्र की ओर एक अज्ञात मिसाइल दागी, जिससे अमेरिका के करीबी सहयोगी दक्षिण कोरिया में चिंता का माहौल बन गया है। दक्षिण कोरिया की सेना ने पुष्टि की है कि यह प्रक्षेपण उत्तर कोरिया के पूर्वी तट के पास से किया गया।
दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अनुसार, कम से कम एक प्रक्षेपास्त्र को समुद्र की दिशा में दागा गया, हालांकि फिलहाल मिसाइल के प्रकार और उसकी क्षमता को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। जापान के तटरक्षक बल ने भी बयान जारी कर कहा है कि बैलिस्टिक मिसाइल होने का संदेह वाली वस्तु समुद्र में गिर चुकी है। एहतियातन जापान और दक्षिण कोरिया दोनों देशों ने अपने निगरानी तंत्र को सक्रिय कर दिया है।
दक्षिण कोरिया का मानना है कि यह किसी घातक हथियार के परीक्षण का हिस्सा हो सकता है। खास बात यह है कि यह घटना ऐसे समय में हुई है जब उत्तर कोरिया एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बैठक से पहले अपने प्रतिद्वंद्वी दक्षिण कोरिया के साथ तनाव बढ़ा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, यह इस वर्ष प्योंगयांग की ओर से किया गया दूसरा बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण है।
इससे पहले जनवरी की शुरुआत में हुए एक अन्य मिसाइल परीक्षण के बाद उत्तर कोरिया ने दावा किया था कि उसने हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। इसके अलावा, इसी महीने उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया पर आरोप लगाया था कि उसने ड्रोन के जरिए उसके हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया है। हालांकि, दक्षिण कोरियाई सरकार ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा था कि इस बात की जांच की जा रही है कि क्या ये मानवरहित विमान नागरिकों द्वारा भेजे गए थे।
ताजा मिसाइल प्रक्षेपण ऐसे वक्त पर हुआ है जब अमेरिका के रक्षा नीति के अवर सचिव एलब्रिज कोल्बी सियोल के दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने दक्षिण कोरिया की सराहना करते हुए कहा कि वह एक आदर्श सहयोगी के रूप में अपनी रक्षा में बड़ी भूमिका निभाने को तैयार है। कोल्बी की यह यात्रा अमेरिकी राष्ट्रीय रक्षा रणनीति जारी होने के बाद हुई है, जिसमें दक्षिण कोरिया से उत्तर कोरिया को रोकने में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई है।
यह घटनाक्रम अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच चल रहे व्यापारिक तनाव के बीच भी सामने आया है। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया से आयातित वस्तुओं पर 25 प्रतिशत तक टैरिफ बढ़ाने की धमकी दी थी। उन्होंने इसके पीछे कारण बताया था कि दक्षिण कोरिया की संसद ने पिछले साल दोनों देशों के बीच हुए व्यापार समझौते को संहिताबद्ध करने में विफलता दिखाई है।
उत्तर कोरिया की इस मिसाइल गतिविधि ने एक बार फिर कोरियाई प्रायद्वीप में सुरक्षा स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्रीय और वैश्विक शक्तियां इस प्रक्षेपण पर करीबी नजर बनाए हुए हैं और आने वाले दिनों में इस पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया तेज होने की संभावना जताई जा रही है।