पाकिस्तान में बातचीत का दूसरा दौर शुरू होने से पहले ही अमेरिका और ईरान में जंग फिर आकार लेती नजर आ रही है। खबर है कि अब ईरानी बलों ने ओमान सागर में अमेरिकी सेना के जहाजों पर हमला बोल दिया है। फिलहाल, ईरानी अधिकारियों ने इस घटनाक्रम की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है। यह हलचल ऐसे समय पर हुई है, जब सीजफायर की अवधि में अभी भी तीन दिन बाकी हैं। करीब 5 हफ्तों तक चले संघर्ष के बाद दोनों मुल्क 23 अप्रैल तक हमले रोकने के लिए सहमत हुए थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ओमान सागर में ईरान की तरफ से अमेरिकी सेना के कुछ जहाजों पर ड्रोन अटैक किए गए हैं। एक दिन पहले ही अमेरिका ने ईरान के जहाज को कब्जे में ले लिया था, जिसके जवाब में तेहरान ने अब ये ड्रोन अटैक किए हैं। फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इस हमले में अमेरिकी जहाजों को कितना नुकसान पहुंचा है। इसके साथ ही दोनों मुल्कों के बीच सीजफायर अवधि खत्म होने से पहले ही फिर से तनाव बढ़ने की आशंका तेज हो गई है।
रविवार को ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा था कि एक ईरानी जहाज के खिलाफ अमेरिकी नौसेना ने कार्रवाई की है और कब्जे में लिया है। उन्होंने बताया था, ‘आज एक 900 फीट लंबे और एक विमान वाहक पोत जितने भारी तूसका नाम के ईरानी माल जहाज ने हमारी नौसेना की नाकाबंदी को पार करने की कोशिश की, जो उनके लिए अच्छी नहीं रही।’ उन्होंने लिखा, ‘अमेरिकी नौसेना के गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर यूएसएस स्प्रुआंस ने ओमान की खाड़ी में तूसका को रोका और उन्हें रुकने की उचित चेतावनी दी। ईरानी चालक दल ने सुनने से इनकार कर दिया, इसलिए हमारे नौसेना के जहाज ने उनके इंजन रूम में छेद करके उन्हें वहीं रोक दिया।’
उन्होंने बताया, ‘अभी, अमेरिकी मरीन ने जहाज को अपने कब्जे में ले लिया है। अवैध गतिविधियों के पिछले इतिहास के कारण तूसका पर अमेरिकी ट्रेजरी के प्रतिबंध लगे हुए हैं। जहाज पूरी तरह से हमारे कब्जे में है, और हम देख रहे हैं कि उस पर क्या है।’
इससे पहले ट्रंप ने ईरान पर सीजफायर के उल्लंघन के आरोप लगाए थे। उन्होंने भारतीय समयानुसार रविवार को लिखा था, ‘ईरान ने कल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में गोली चलाने का फैसला किया, जो हमारे सीजफायर समझौते का उल्लंघन है। इनमें से कई गोलियां एक फ्रांसीसी जहाज और यूके के एक मालवाहक जहाज पर दागी गईं। यह अच्छा नहीं था, था क्या? मेरे प्रतिनिधि इस्लामाबाद, पाकिस्तान जा रहे हैं…।’
उन्होंने ईरान के सभी पावर प्लांट्स समेत कई जगहों पर हमले की धमकी दी थी। साथ ही कहा था कि ईरान की इस ‘हत्यारी मशीनरी’ को खत्म करने का समय आ गया है।
इससे पहले ट्रंप ने ईरान पर सीजफायर के उल्लंघन के आरोप लगाए थे। उन्होंने भारतीय समयानुसार रविवार को लिखा था, ‘ईरान ने कल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में गोली चलाने का फैसला किया, जो हमारे सीजफायर समझौते का उल्लंघन है। इनमें से कई गोलियां एक फ्रांसीसी जहाज और यूके के एक मालवाहक जहाज पर दागी गईं। यह अच्छा नहीं था, था क्या? मेरे प्रतिनिधि इस्लामाबाद, पाकिस्तान जा रहे हैं…।’
उन्होंने ईरान के सभी पावर प्लांट्स समेत कई जगहों पर हमले की धमकी दी थी। साथ ही कहा था कि ईरान की इस ‘हत्यारी मशीनरी’ को खत्म करने का समय आ गया है।