– 53 स्कूलों की शिकायत, रिपोर्ट में 22 के नाम उजागर किए बाकि छिपा लिए
– हकीकत में चल रहे स्कूलों को भी फर्जी बता दिया
रणघोष अपडेट. अलवर. भिवाड़ी
राजस्थान के अलवर जिला विशेषतौर से भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र में चल रही स्कूली शिक्षण संस्थाओं में आपसी प्रतिस्पर्धा के चलते एक दूसरे की छवि को खराब करने का खेल शुरू हो गया है। इसमें शिक्षा विभाग के कुछ कर्मचारी भी शामिल है जो उन स्कूलों की प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुंचाते हैं जिसने शिक्षा व खेल के क्षेत्र में अनेक शानदार उपलब्धिया हासिल कर ना केवल अलवर जिले का नाम राष्ट्रीय पटल पर पहुंचाया साथ ही बेहतर शिक्षा प्रदान करने के नाम पर शिक्षकों को अनेक सम्मानों से नवाजा गया।
एक राष्ट्रीय समाचार पत्र में 5 जुलाई को 53 निजी स्कूलों की शिकायत को लेकर प्रकाशित समाचार में जो विवरण दिया गया है वह पूरी तरह पारदर्शिता एवं निष्पक्षता से कही मेल नही खा रहा है। खबर के हवाले से बताया गया है की 53 स्कूलों की शिकायत हुई है। 32 की जांच व 22 फर्जी निकले। यहां बता दें की इस तरह की खबरें आमतौर पर सुनियोजित योजना के तहत निजी स्कूलों में आपसी प्रतिस्पर्धा में एक दूसरे को नीचा दिखाने व मीडिया में उन स्कूलों पर ज्यादा फोकस किया जाता है जो विज्ञापनदाता की दृष्टि से सहयोग नही करते हैं। यह इस रिपोर्ट से साबित हो रहा है। जब 53 स्कूलों की शिकायत का जिक्र किया गया है तो सभी के नाम समाचार में प्रकाशित क्यों नहीं किए। इसमें 32 की जांच हुई तो उन सभी के नाम सार्वजनिक क्यों नहीं किए। जिन 22 को फर्जी बताकर उनके नाम सार्वजनिक किए गए हैं वे फर्जी किस आधार पर हो गए। फर्जी शब्द का उल्लेख उस समय होता है जब जमीन पर ही स्कूल नहीं चल रहे हो ओर कागजों में ही खानापूर्ति हो रही हो। मान्यता नहीं होने पर बिना मान्यता या अवैध तौर पर चल रहे स्कूलों का लिखना तर्कसंगत बनता है। 32 की जांच हुई जिसमें 22 को फर्जी बताया गया तो बचे 10 स्कूलों के नाम का उल्लेख रिपोर्ट में क्यों नही किया गया।
सोमाणी विद्या पीठ के सभी कागजाज पूरे, फिर भी नाम उजागर
इस खबर की विश्वसनीयता पूरी तरह से कटघरे में साबित हो रही है। शिक्षा विभाग के दस्तावेज में भिवाड़ी में जिस पते पर यह स्कूल दिखाया गया है। शिक्षण संस्थान ने अपने स्कूल के मुख्य द्वार पर भी सोमाणी विद्या पीठ लिखा हुआ है। जबकि पता दोनो का एक ही है। यहां सवाल उठता है की अखबार ने बिना रिकार्ड देखे अपने हिसाब से सोमानी पब्लिक स्कूल किस आधार पर लिख गया। इसका मतलब खबर लिखते समय उसने विशेषतौर से इस स्कूल की गरिमा पर हमला करने की मानसिकता बना रखी थी। जबकि इस नाम से कोई स्कूल नहीं है। यहां बता दें की सोमाणी एक प्रतिष्ठित ग्रुप है जिसकी हरियाणा के रेवाड़ी जिला में 20 सालों से अधिक समय से कॉलेज एवं स्कूली शिक्षण संस्थाए चल रही है।
रिपोर्ट प्रकाशित करने वाले के खिलाफ लेंगे लीगल एक्शन
स्कूल के चेयरमैन अमर सोमाणी ने कहा की खबर पूरी तरह से योजनाबद्ध तरीके से लिखी गई है। यह साफ जाहिर हो रहा है। यह साजिश है। वे इस पर तुरंत लीगल एक्शन लेने जा रहे हैं। अमर सोमाणी ने कहा की कुछ अखबार वाले उन पर विज्ञापन के लिए दबाव बनाते रहे हैं। इसलिए रिपोर्ट में सभी स्कूलों के नाम उजागर क्यों नहीं किए गए।