-अब एहतियात बरतना होगा, कोई गोली भी मरवा सकता है मुझको
– मेरे से या मेरी पार्टी से चुनाव हारने वालों के मन में घुला हुआ है जहर
– रामगढ़ भगवानपुर में अस्पताल की सिफारिश के लिए अब कई बार सोचना पड़ेगा
– राव इंद्रजीत सिंह ने पत्रकारों से खुलकर घटनाक्रम पर अपनी बात रखी
रणघोष अपडेट. रेवाड़ी
बेबाक तरीके और अपने ही अंदाज में सही समय पर डंके की चोट पर विरोधियों को खरी खरी सुनने वाले अहीरवाल- दक्षिणी हरियाणा के छत्रप केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने तल्ख तेवर के साथ में कहा कि, “अब भविष्य में एहतियात बरतना होगा, कोई गोली भी मरवा सकता है मुझको”। पिछले कुछ दिनों से रेवाड़ी में ही गांव रामगढ़ और भगवानपुर के ग्रामीणों के द्वारा प्रस्तावित अस्पताल को लेकर धरना प्रदर्शन सहित महापंचायत और विरोध प्रदर्शन का सिलसिला राव इंद्रजीत सिंह और उनकी पुत्री स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के खिलाफ बना हुआ है। इसी मुद्दे के अलावा अन्य विषयों पर भी उन्होंने अपने रेवाड़ी आवास पर पत्रकारों से दिल खोलकर अपने ही अंदाज में अपनी बात को कहा।
राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि अब रामगढ़ और भगवानपुर में प्रस्तावित 200 बेड के अस्पताल की सिफारिश करने के लिए चार बार पहले सोचना पड़ेगा ? दबाब की राजनीति आज तक नहीं की और ना ही किसी का दबाब माना है । अब 75 साल की उम्र हो चुकी, यह उम्र अब किसी भी दबाव को सहन करने की नहीं है । उन्होंने बताया जिला मुख्यालय रेवाड़ी पर पहले से ही सामान्य नागरिक अस्पताल है। अस्पताल ऐसे स्थान पर बनना चाहिए जिसका अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिल सके। पुत्री आरती सिंह राव हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री भी लगातार प्रस्तावित 200 बेड के अस्पताल के लिए प्राइम लोकेशन और साइट के लिए तलाश में लगी हुई है। उन्होंने कहा रामगढ़ और भगवानपुर के ग्रामीण अपने ही यहां अपने ही क्षेत्र में अस्पताल चाहते हैं । अस्पताल वहां बने या कहीं और बने, सभी अपने ही हैं और सभी के सहयोग ने चुनाव जीताने का भी काम किया। राव इंद्रजीत सिंह ने खुलासा करते हुए दावा किया मुख्यमंत्री की रैली के बाद कुछ लोग उनसे मिलने के लिए बिना किसी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम और समय के ही आवास पर पहुंचे। आने वालों लोगों को मेरे घर की भौगोलिक स्थिति और लोगों से मिलने वाले स्थान की भी कोई जानकारी नहीं थी । दिल्ली में जरूरी मीटिंग के लिए जाना था, संदेश छोड़ दिया जो भी बातचीत हो वह फोन पर कर ली जाएगी। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा 200 बेड के अस्पताल को लेकर धरना-प्रदर्शन के साथ-साथ आंदोलन करने वाले लोगों में अधिकांश लोग राजनीतिक विरोधी या फिर विरोधी पॉलिटिकल पार्टियों के ही हैं। उन्होंने सीधे-सीधे आरोप लगाया राज बब्बर के समर्थक आदमी ही विरोध प्रदर्शन करने के लिए उनके घर पहुंचे। एक सरपंच का नाम लेते हुए राव इंद्रजीत सिंह ने कहा उसके द्वारा कॉन्फिडेंशियल बातचीत को रिकॉर्डिंग करके सार्वजनिक किया जाना भारतीय न्याय संहिता के मुताबिक अपराध है । बातचीत करने वाले सरपंच ने बिना अनुमति के बातचीत को रिकॉर्ड किया और इसको बाद में सार्वजनिक भी कर दिया गया। किसी सरकारी अधिकारी या फिर सरकार के मंत्री से की गई बातचीत को बिना पूर्व सहमति के रिकॉर्डिंग करके सार्वजनिक करने वाले के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज होना चाहिए। उन्होंने कहा विरोध प्रदर्शन और पंचायत के दौरान ऐसे ऐसे बदतमीज लोगों को माइक पकड़ दिया गया, जिनके द्वारा बेटी मंत्री आरती राव के विषय में भी असहनीय भाषा का इस्तेमाल और शब्द बोले गए। ऐसे तमाम लोगों के खिलाफ भी मानहानि का दावा किया जाना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने इसी कड़ी में माजरा एम्स को लेकर भी बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया यहां प्रस्तावित एम्स की जमीन के लिए मनेठी के लोगों ने गुमराह किया। फॉरेस्ट की जमीन के लिए उनसे सिफारिश करवा ली गई। केंद्र से यहां पहुंची जांच टीम के द्वारा हर पहलू और तकनीकी समस्याओं की जानकारी दी गई। इसके बाद में मनेठी के लोगों ने ही एम्स संघर्ष समिति का गठन कर अपना धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने माजरा में जमीन दिया जाने के लिए स्थानीय लोगों का दिल खोलकर स्वागत किया। राव इंद्रजीत सिंह ने बताया 2014 में जेपी नड्डा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री धे, उसी समय केंद्र सरकार के द्वारा प्रदेश में भी एम्स बनाने की घोषणा की गई। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री और मौजूदा केंद्र में मंत्री मनोहर लाल खट्टर जब रेवाड़ी आए तो उनके द्वारा यहां एम्स बनवाने की घोषणा करवा दी गई । राव इंद्रजीत सिंह ने कहा मनेठी संघर्ष समिति जिद और गुमराह नहीं करती, तो रेवाड़ी जिले का एम्स 2020 में ही बनकर स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर रहा होता। उन्होंने बातचीत के दौरान यह भी कहा कि चुनाव का प्रतिद्वंदी राज बब्बर शायद ही कभी भगवानपुर गांव में गया हो, शायद टीवी के आदि पर देखा हो। लेकिन फिर भी 40 प्रतिशत वोट ग्रामीणों के द्वारा दे दिए गए।
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने डिनर डिप्लोमेसी की चर्चा करना जरूरी समझते हुए बताया भाजपा का एक कार्यक्रम कमल सखी भी है। जिसके तहत जो भी महिला पदाधिकारी या मंत्री बनती है, वह अपने क्षेत्र के नेताओं के लिए लंच या डिनर जैसे कार्यक्रम करती रहती हैं । दक्षिणी हरियाणा में हमारे अपने परिवार का एक अपना जन आधार है और अधिकांश जनप्रतिनिधि भी अपने ही साथी हैं। इन सभी को डिनर के लिए आमंत्रित किया गया। उन्होंने कहा 2004 से लेकर मौजूदा समय तक प्रति सोमवार आम जनता से मिलने के लिए उपलब्ध रहता हूं। इस दिन किसी को भी मिलने के लिए किसी की भी सिफारिश की जरूरत या पहले से टाइम लेने की आवश्यकता नहीं होती। रेवाड़ी या फिर दिल्ली जहां भी उपलब्ध रहूंगा, वहां पर प्रत्येक सोमवार को खुला दरबार लगता है। इस प्रकार की सुविधा और व्यवस्था कितने अन्य नेता जनप्रतिनिधियों मंत्रियों के द्वारा अपने क्षेत्र के लोगों के लिए उपलब्ध करवाई गई है ? अपनी बातों को समाप्त करते हुए राव इंद्रजीत सिंह ने कहा क्षेत्र के लोगों की मांग और क्षेत्र के विकास के डिमांड करना मेरा हक और अधिकार भी है । प्रदेश में मुख्यमंत्री हुड्डा से लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सामने क्षेत्र की जनता की मांगों को रखते हुए अवगत करवाया जा रहा है । मेरे द्वारा उठाई गई मांग और रखी गई बात की बदौलत ही दक्षिणी हरियाणा में यूनिवर्सिटी , सैनिक स्कूल, माजरा में एम्स, आरआरटीएस, मेट्रो की सुविधा, बिनोला में डिफेंस यूनिवर्सिटी जैसे प्रोजेक्ट और अन्य विभिन्न परियोजनाएं उपलब्ध हुई हैं । बाढडा में कैंसर इंस्टिट्यूट में भी अनेक लोगों को स्वास्थ्य लाभ उपलब्ध हो रहा है । उन्होंने कहा मौजूदा समय में केंद्र में मंत्री मनोहर लाल खट्टर 10 वर्ष तक हरियाणा की सत्ता के शीर्ष पर रहे हैं । उनके समय से कार्य करते आ रहे अधिकारियों पर कुछ ना कुछ तो प्रभाव अवश्य बना ही रहेगा।