बजट से कोई खुश नहीं, महज आंकड़ों की हेराफेरी : सोमबीर सांगवान
कितलाना टोल पर 79वें दिन धरना जारी, टोल रहा फ्री
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने दो साल पहले खुद भिवानी मेडिकल कॉलेज का नाम पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल की जगह पंडित नेकीराम के नाम पर रखे जाने की घोषणा की थी लेकिन कल बजट में उससे भी पलट गए और कॉलेज का नामकरण स्वर्गीय मंगलसेन के नाम पर करने की घोषणा की। इससे पूरे इलाके में भारी आक्रोश है। यह बात वक्ताओं ने कितलाना टोल पर चल रहे अनिश्चित कालीन धरने को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि पंडित नेकीराम और चौधरी बंसीलाल दोनों इलाके की महान विभूतियां थी। उनकी अनदेखी से आम जनता की भावनाएं आहत हुई हैं।
उन्होंने कहा कि पंडित नेकीराम जहां महान स्वतंत्रता सेनानी थे और भाखड़ा बांध परियोजना को सिरे चढ़ाने में बड़ी भूमिका रही वहीं पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय चौधरी बंसीलाल का हरियाणा के विकास में अहम योगदान रहा है। ऐसे में इन दोनों की जगह किसी और का नाम भिवानी मेडिकल कॉलेज से जोड़ना असहनीय है। धरनारत किसानों ने कहा कि सरकार को डॉ मंगलसेन के नाम से और संस्थान खोले। इस बारे में धरने पर प्रस्ताव रखा गया जिसका सभी ने हाथ उठाकर समर्थन किया।
दादरी से निर्दलीय विधायक और खाप सांगवान 40 के प्रधान सोमबीर सांगवान ने बजट की आलोचना करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार के बजट से किसान, कर्मचारी, व्यापारी समेत कोई भी वर्ग खुश नहीं है। बजट महज आंकड़ों की हेराफेरी है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा ठीक होती तो वेट में कमी करती ताकि पैट्रोल डीजल के भाव कम होते और जनता को राहत मिलती।
कितलाना टोल पर धरने के 79वें दिन खाप सांगवान 40 के सचिव नरसिंह डीपीई, फौगाट खाप 19 के उपप्रधान धर्मपाल महराणा, सर्वजातीय श्योराण खाप 25 के प्रधान बिजेंद्र बेरला, रणधीर कुंगड़, सुभाष यादव, कृष्णा छपार, अजीत सिंह सांगवान, रत्तन जिंदल ने संयुक्त रूप से अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि कितलाना टोल के धरनारत किसान चौगामा खाप के पावर ग्रिड के टावर लगाने पर मुआवजे को लेकर चल रहे संघर्ष में उनके साथ है। कामरेड ओमप्रकाश ने धरने का मंच संचालन किया।
इस अवसर पर युवा निशानेबाज पूनम पंडित, विकास सीसर, सुदेश गोयत, अमरजीत ने भी धरने को संबोधित किया। इस मौके पर ठाकुर अमर सिंह, राकेश आर्य, सुरजभान सांगवान, राजू मान, खजान सिंह सांगवान, जागेराम सरपंच, राजकुमार हड़ौदी, रामकुमार बीईओ, सुल्तान खान, प्रताप, बलजीत,अमरपाल सरपंच, सुबे सिंह पुर्व सरपंच, सतबीर नंबरदार, मास्टर अजीत हालुवास, मीरसिंह, लीलाराम गील, करतार गील, सत्ते श्योराण, कुलबीर बोहरा, वीरेन्द्र नंबरदार, मनोज ढाणा नरसाण, दिनेश शर्मा अजीतपुर, कैप्टन दिनेश हालुवास इत्यादि मौजूद थे।