रणघोष अपडेट. देशभर से
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की पंजाब के अमृतसर और चंडीगढ़ स्थित संपतियों को जब्त कर लिया है। वह प्रतिबंधित सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) का प्रमुख है। वह कनाडा और दूसरे पश्चिमी देशों में बैठ कर भारत विरोधी बातें करता रहता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वह इन दिनों अमेरिका में रह रहा है और वहीं से वीडियो जारी कर भारत के खिलाफ नफरत और जहर उगल रहा है। पिछले दिनों ही कनाडा-भारत विवाद में उसने कनाडा में रह रहे हिंदुओं के खिलाफ नफरत भरी बातें कहते हुए उन्हें धमकी दी थी। एनआईए ने पन्नू की जिन संपत्तियों को पंजाब में जब्त किया है उसमें अमृतसर जिले के बाहरी इलाके में स्थित उसके पैतृक गांव खानकोट में 46 कनाल की कृषि भूमि और चंडीगढ़ के सेक्टर 15, सी मौजूद उसका मकान शामिल हैं। एनआई की इस जब्ती के साथ ही इस संपति पर से अब पन्नू का अधिकार खत्म हो चुका है और ये संपतियं सरकार की संपति घोषित कर दी गई हैं। 2020 में भी आतंकी पन्नू की ये संपत्तियां कुर्क कर ली गई थी। जिसका मतलब था कि वह संपत्ति नहीं बेच सकता था, लेकिन अब इस कदम के बाद पन्नू ने अपनी इन संपत्तियों पर से मालिकाना अधिकार खो दिया है।
इन संपत्तियों को एनआइए मोहाली कोर्ट के आदेश पर ज़ब्त किया गया है। इस जब्ती के बाद एनआईए ने एक बोर्ड लगाकर स्पष्ट कर दिया है कि इस संपति पर अब पन्नू का कोई हक नहीं है और ये अब सरकारी संपति बन चुकी हैं।
1 जुलाई 2020 को इसे आतंकी घोषित किया गया था
पन्नू वर्षों से भारत विरोधी गतिविधियों और पंजाब में आतंकवाद को फिर से जिंदा करने की कोशिशों में शामिल रहा है। इसकी गतिविधियों को देखते हुए भारत सरकार ने 1 जुलाई 2020 को यूएपीए कानून के तहत इसे आतंकी घोषित कर दिया था।इसी वर्ष सरकार ने अलगाववाद को बढ़ावा देने वाले इसके संगठन एसएफजे से जुड़े 40 से अधिक वेबपेज और यूट्यूब चैनलों को प्रतिबंधित कर दिया था। तब पन्नू पर अलगावाद को बढ़ावा देने और पंजाबी सिख युवाओं को हथियार उठाने के लिए बहकाने का आरोप लगा था। इससे पहले वर्ष 2019 में भारत सरकार ने आतंकी गतिविधियां चलाने के आरोप में यूएपीए के तहत पन्नू के संगठन एसएफजे पर प्रतिबंध लगा दिया था। गृह मंत्रालय ने इसको लेकर जारी अपनी अधिसूचना में कहा था कि सिखों के लिए रेफरेंडम की आड़ में एसएफजे पंजाब में अलगाववाद और उग्रवाद की विचारधारा का समर्थन कर रहा है।
पिछले दिनों कनाडा में रह रहे हिंदुओं को दी थी धमकी
खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू अब अमेरिका और कनाडा का नागरिक बन चुका है। विदेशी धरती से ही वह भारत और भारतीयों के खिलाफ नफरत फैलाता रहता है। खालिस्तानी आतंकी हरदीप निज्जर की हत्या के बाद कनाडा और भारत के रिश्तों के बीच आई कड़वाहट के बीच पिछले दिनों पन्नू ने एक वीडियो जारी कर नफरत से भरी बातें कही थी।
उसने कहा था कि कनाडा की धरती सिर्फ खालिस्तानियों के लिए हैं। उसने कहा था कि खालिस्तानी कनाडा के साथ हर समय खड़े हैं, वे यहां के संविधान को मानते हैं। आतंकी पन्नू ने इस वीडियो में कनाडा में रह रहे हिंदुओं को कनाडा छोड़ने की धमकी दी थी। उसने कहा था कि हिंदुओं का देश भारत है और उन्हें कनाडा से चले जाना चाहिए। एक दूसरे वीडियो में आतंकी पन्नू ने 25 सितंबर 2023 को वैंकूवर, ओटावा और टोरंटो में भारतीय दूतावासों को बंद कराने की धमकी दी है। पन्नू इससे पहले भी कई बार विदेशी धरती से भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे चुका है। खालिस्तान समर्थकों के साथ वह कई बार विदेशों में विरोध प्रदर्शन कर चुका है। एक तरफ वह पंजाब में लोगों की भावनाएं भड़काने की कोशिश कर रहा है वहीं दूसरी ओर विदेशों में भारत की छवि को धूमिल करने की कोशिश में भी लगा हुआ है।