आध्यात्मिक वचनों से सारे संसार को एकता और भाईचारे का संदेश दिया गुरु रविदास ने

कोसली विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने कहा कि संत गुरू रविदास ने आध्यात्मिक वचनों से सारे संसार को एकता और भाईचारे का संदेश दिया तथा सभी को जोडऩे की कोशिश की। उनके विचार एवं शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक है। उनकी महिमा को देखकर उस समय के राजा-महाराजा भी भक्ति मार्ग से जुड़े। यादव रेवाड़ी में आयोजित संत गुरू रविदास की जयंती समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने संत गुरु रविदास को तिलक लगाकर तथा पूजा-अर्चना में हिस्सा भी लिया। इस मौके पर कोसली विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने कहा कि संत गुरू रविदास जीवन भर समाज में फैली कुरीतियों जैसे ऊंच-नीच, जात-पात को दूर करने में लगे रहे। पूरा प्रदेश संत गुरू रविदास की 644वीं जयंती मना रहा है। संत रविदास के नाम के साथ गुरू का आचरण किया जाता है और कोई भी गुरु किसी समाज में धर्म और जाति-पाति से ऊपर उठकर आपसी भाईचारे और शांति का संदेश देते हैं। यादव ने कहा कि संत गुरू रविदास ने अपने दोहे और छंदों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का काम किया। संत रविदास भक्तिपूर्ण भजनों की रचना करते थे और उन्हें लोग भाव-विभोर होकर सुनते थे। उन्होंने दोहराया कि संत गुरू रविदास ने हमें जाति-पाति से ऊपर उठकर और अलग-अलग धर्मों से ऊपर उठकर आपसी भाईचारे और प्रेम प्यार बनाए रखने का संदेश दिया। उनका विश्वास था कि राम कृष्ण, राघव आदि एक ही परमेश्वर के अलग-अलग नाम हैं। ईश्वर की भक्ति बड़े भाग्य से मिलती है। उन्होंने कहा कि संत रविदास का श्रोताओं के मन पर गहरा प्रभाव पड़ता था। इसलिए उनकी शिक्षाएं व दिखाया गया मार्ग भी प्रासंगिक है।