एम्स को लेकर बन रही अजीब सी स्थिति

राव इंद्रजीत सिंह भरोसा दिलाया भालखी- माजरा में बनेगा एम्स, उधर अधिकारी बिदावास को लेकर रिपोर्ट तैयार करते रहे


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देश की सबसे बड़ी परियोजना में शामिल एम्स जिले में बनने के लिए जमीनी संघर्ष कर रहा है। तस्वीर साफ होने की बजाय  इधर उधर हिचकोले खा रही है। मंगलवार को एम्स संघर्ष समिति केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह से मिली। राव ने सभी पहुलओं पर गौर करने के बाद भरोसा दिलाया कि एम्स भालखी- माजरा में बनेगा इसके लिए वे सरकार के साथ संपर्क में हैं। यहां बता दें कि राव इंद्रजीत सिंह के राजनीतिक सचिव रवि यादव के अनुरोध पर ही समिति ने अपने किए जाने वाले प्रदर्शन को स्थगित कर दिया था। उधर जिला सचिवालय में राष्ट्रीय संरक्षण क्षेत्र (एनसीजैड) की बैठक हुईं। जिसमें बावल खंड के गांव बिदावास में एम्स को लेकर देखी जा रही जमीन को लेकर चर्चा हुईं। जिसमें यह स्पष्ट किया गया कि यह जमीन वन संरक्षण के दायरे से बाहर है। इसकी रिपोर्ट डीएलस कमेटी की तरफ से सरकार को भेजी जानी है। मीटिंग की अध्यक्षता डीसी यशेन्द्र सिंह ने की थी।  इस मौके पर  एडीसी राहुल हुड्डा, एसडीएम रविन्द्र यादव,एसडीएम कोसली कुशल कटारियाएसडीएम बावल मनोज कुमार,जिला नगर योजनाकार देवेन्द्र पाल , जिला वन अधिकारी सुंदरलाल, डीडीपीओ नरेन्द्र सारवान , माइनिंग अधिकारी अशोक कुमार ,अनिल कुमार अनुवेक्षक  भी उपस्थित थे। मीटिंग में  उपायुक्त यशेन्द्र सिंह ने जिला में सघन पौधारोपण, बिखरे पौधारोपण की ग्राउंड ट्रूथिंग के बारे में समीक्षा की।

  

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