किसान ने दिखाए पूर्व मंत्री कविता जैन को काले झंडे

विरोध होने पर समारोह से निकली कविता जैन, किसान नेता राजू मान बाल बाल बचे


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स्थानीय जैन मंदिर में एक समारोह में शिरकत करने पहुंची भाजपा नेत्री एवं पूर्व मंत्री कविता जैन को किसानों के गुस्से का सामना करना पड़ा। किसानों ने तीनों कृषि बिलों के विरोध में कविता जैन को काले झंडे दिखाए।  पुलिस ने किसी तरह किसानों की भीड़ को समारोह स्थल से दूर किया। किसान नेता राजू मान जब काला झंडा लेकर पूर्व मंत्री कविता जैन की गाड़ी के सामने आए और उन्हें रोकने की कोशिश की तो ड्राइवर ने तेजी से गाड़ी भगा ली जिससे राजू मान गाड़ी की चपेट में आने से बाल बाल बचे।  रविवार को भाजपा नेत्री एवं पूर्व मंत्री कविता जैन दादरी में एक समारोह में शिरकत करने पहुंची थी। किसानों को जैसे ही उनके आगमन की खबर लगी तो समारोह स्थल के समीप एकत्रित हो गए। उधर समारोह में अंदर बैठी  कविता जैन को किसानों के आने की भनक लगी तो आनन फानन में वो बाहर आ गाड़ी में बैठ गई। किसानों ने उनको जाते देख उनकी गाड़ी को घेर काले झंडे दिखाते हुए विरोध किया।  मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मोर्चा संभाला तथा बड़ी मुश्किल से जैन को वहां से निकाला। इस मौके पर किसान नेता राजू मान ने कहा कि किसान 3 महीनों से कृषि बिलों के विरोध में सड़कों पर बैठने को मजबूर हैं। मगर भाजपा नेता आज भी राजनीति चमकाने के लिए कार्यक्रम में शिरकत करने आये हैं। इनको किसानों के हितों से सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा या जजपा नेता दादरी में प्रवेश करेगा उसका विरोध किया जाएगा। बता दें कि इलाके की खापों ने कृषि बिलों के विरोध में भाजपा व जजपा नेताओं का बहिष्कार कर प्रवेश पर पाबंदी लगा रखी है। कुछ गांव के बाहर तो पोस्टर भी लगा रखे हैं। इस मौके पर कृष्ण फौगाट, महेंद्र फौगाट, जय सिंह, वीरेन्द्र पप्पू पार्षद, भूपेंद्र, नत्थूराम, नरेन्द्र फौगाट समेत अनेक किसान मौजूद थे। सूचना मिलने पर खाप फौगाट 19 के प्रधान बलवंत नम्बरदार, सचिव सुरेश फौगाट, उपप्रधान धर्मपाल महराणा, सर्वजातीय श्योराण खाप 25 के प्रधान बिजेंद्र बेरला, गंगाराम श्योराण, कमलेश भैरवी, सुरजभान सांगवान, शमशेर सांगवान, जगदीश हुई, कर्ण सिंह, लीलाराम समसपुर, विजय लाम्बा, भूपेंद्र फौगाट, सुरेंद्र नम्बरदार, वजीर फौगाट, बोरा फौगाट, समेर सिंह समेत बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। उन्होंने कहा कि जब तक तीनों काले कानून रद्द नहीं होते भाजपा और जजपा नेताओं का विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों से भी अपील है कि जब तक किसान आंदोलन का हल नहीं निकलता तब तक इन दोनों दलों के नेताओं को किसी भी कार्यक्रम में ना बुलाएं। उन्होंने कहा कि भाजपा का षड्यंत्र है कि भाईचारे में दरार डाली जाए। लेकिन हमें उनके कुचक्र को तोड़कर शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन को आगे बढ़ाना है।