राज इंटरनेशनल स्कूल में पेरेंट्स ओरिएंटेशन प्रोग्राम’ का आयोजन कक्षा पांचवीं व छठवीं के विद्यार्थियों के अभिभावकों के लिए किया गया। जिन मुख्य बिंदुओं पर चर्चा की गई, वे इस प्रकार हैं। 1. कोरोना काल के दौरान हुई शिक्षा की हानि की भरपाई किस प्रकार हो। इस पर प्रचार्य श्री अनिल मखीजा ने अभिभावकों को आश्वस्त किया कि नए सत्र के दौरान पहले कुछ दिनों में पिछली कक्षा के चुनिंदा विषयों व पाठों को दोबारा से पढ़ाया जायेगा तथा जो वार्षिक परिक्षाएँ होंगी उनमें भी सिलेबस को कम से कम रखा जायेगा। 2. कोरोना काल में स्कूल खुलने में अभिभावकों की भागेदारी :- इस पर चर्चा करते हुए प्रवक्ता पुनीत कुमार ने कहा कि हमें बच्चों को विश्वास में लेना होगा तथा उनको यह भरोसा भी दिलाना होगा कि उन्हें घबराने कि जरूरत नहीं है। सब कुछ समय के साथ ठीक हो जायेगा पर परिश्रम के बिना कुछ भी संभव नहीं है। 3. विद्यालय की आगामी सत्र को लेकर क्या तैयारी है। इस विषय पर संस्था के निदेशक नवीन सैनी ने अभिभावकों को सम्बोधित करते हुए बताया कि राज इंटरनेशनल स्कूल हर अच्छी से अच्छी सुविधा यहाँ पढ़ने वाले बच्चों को प्रदान करेगा। हम बच्चों के चहुमुखी विकास के लिए प्रयासरत हैं व विभिन्न क्षेत्रों में मार्गदर्शकों कि देख रेख में बच्चों को 21 वीं सदी के लिए तैयार करेंगे चाहे वो शिक्षा हो , खेल हो या सांस्कृतिक गतिविधियां हों। यहां बच्चों को एक अच्छा विद्यार्थी होने के साथ साथ एक अच्छा नागरिक बनाने के लिए भी भरपूर प्रयाश किये जा रहे हैं।
नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 :- इस विषय पर चर्चा करते हुए प्रचार्य अनिल मखीजा ने बताया कि एनईपी 2020 जो कि 2022 से लागू होने वाली है इससे बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ साथ उसे एक अच्छा सांसारिक नागरिक बनाने पर भी जोर दिया गया है। शिक्षा प्रणाली को 5 + 3 + 3 + 4 के हिसाब से बांटा गया है। 5 साल – प्री नर्सरी से दूसरी कक्षा + 3 साल – तीसरी से पांचवी कक्षा + ३ साल – छठवीं से आठवीं कक्षा तथा 4 साल नौवीं से बारहवीं कक्षा। नई शिक्षा नीति में वोकेशनल ट्रेनिंग पर भी जोर दिया गया है ताकि बच्चा भविष्य में आत्मनिर्भर बन सके। इस अवसर पर आये अभिभावकों ने अपने सवाल रखे जिनके संतोषजनक जवाब विद्यालय प्रबंधन ने दिए। स्कूल कोऑर्डिनेटर निशा दीपिका ने मंच का संचालन करते हुए विद्यार्थियों में चल रही गतिविधियों की जानकारी दी और कोऑर्डिनेटर सोनिया सलूजा ने अभिभावकों को बच्चों की दिनचर्या में माता-पिता की भूमिका और मोटिवेशन यानि प्रेरणा का महत्व बताते हुए सबका स्वागत किया। इस अवसर पर सह निदेशक जितेंदर सैनी व हेमंत सैनी, व विद्यालय का स्टाफ भी उपस्थित रहा।