गुरुग्राम से बावल तक मैट्रो परियोजना के शिलान्यास का अधूरा सच

किसान मुआवजा के लिए सड़कों पर है, सरकार शिलान्यास की तैयारी में


रणघोष अपडेट. रेवाड़ी. गुरुग्राम से


केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह दक्षिण हरियाणा की बड़ी परियोजनाओं को लेकर बेहद गंभीर नजर आ रहे हैं। इसलिए वे केंद्रीय मंत्रियों से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात कर चुके हैं। दो दिन पहले पीएम मोदी से राव इंद्रजीत ने दो प्रमुख परियोजनाओं के शिलान्यास को लेकर समय मांगा। पहला एम्स जिसमें जमीन से जुड़ी सभी आवश्यकताओं को पूरा कर दिया गया है। जिन किसानों की जमीन को अधिग्रहित किया था उन्हें मुआवजा देकर सरकार अपने नाम करा चुकी है। एम्स को लेकर ऐसा कोई इश्यू नहीं बचा है जो शिलान्यास को लेकर बाधा बन जाए। दूसरी परियोजना गुरुग्राम से बावल- शाहजहांपुर तक शुरू होने वाली रैपिड मैट्रो रेल थी। जिस पर पिछले 10 सालों से अधिक समय से काम चल रहा है लेकिन जमीन पर स्थिति को अभी तक स्पष्ट नहीं किया गया है। रेवाड़ी जिले  में 20 गांवों के किसान इस परियोजना के तहत अधिग्रहित की गई जमीन एवं स्ट्रक्चर के  मुआवजा  लेकर ही पिछले दो सालों से लगातार संघर्ष कर रहे हैं जबकि इनका अवार्ड भी हो चुका है। जिला राजस्व विभाग मुआवजा को लेकर 19 से ज्यादा पत्र जमीन से संबंधित काम को देख रही नोडल एजेंसी एचएसआईआईडीसी को भेज चुका है। इसके बावजूद कोई सकारात्मक जवाब नहीं आया कि मुआवजा आएगा या नहीं। ऐसे में इस परियोजना के शिलान्यास को लेकर कई सवाल  उठ रहे हैं। पहला या तो सरकार जल्द से जल्द अवार्ड की मुआवजा राशि को जारी कर रही है या फिर आने वाले विधानसभा एवं लोकसभा चुनाव को लेकर होमवर्क तैयार हो रहा है। अधिकारियों की माने तो जिस तरह मैट्रो परियोजना को लेकर काम में रफ्तार आई है उससे उम्मीद हो रही है कि यह परियोजना ट्रैक पर आना शुरू हो गई है।

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