महिला दिवस पर सरपंच कांता देवी ने सरपंच कार्यालय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें आधुनिक भारत के युग प्रवर्तक, गणतंत्र के महानायक बाबा साहेब डॉ बी आर अम्बेडकर ने महिलाओं को वो सारे अधिकार संविधान में दिलाये। महिला आंदोलन की असली नायक सावत्री बाई फुले ने महिलाओं के लिए शिक्षा का द्वार खोला जिन्होंने अपने त्याग,संघर्ष की बदौलत महिलाओं को समाज में एक स्थान दिलाया।आज नारी समाज ऊँचे 2 पदों यहाँ तक कि रास्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री, सांसद,विधायक, मन्त्री, डीएम,एसपी,डॉक्टर, शिक्षक जिला परिषद, सरपंच आदि पदों पर अच्छा कार्य कर रही हैं।आज सभी को एक बात याद रखनी चाहिए कि हमारे महापुरुषों की बदौलत ताकत,पैसा, इज्ज़त,मान सम्मान मिला है। इस अवसर पर सरपंच कांता देवी ने माता सावित्री बाई फुले की पुस्तकें भी वितरित की गई। इस अवसर पर रेशम देवी,सुनीता, मधु,कांता देवी,लक्ष्मी देवी,मनीषा देवी,लक्ष्मी,सरोज,संतरा,सुधा, कोहिनूर आदि उपस्थित थी।