तब शादी में बुलाते…तारीफ करते…आशीर्वाद लेते थे

पहलवानों के आरोपों पर WFI चीफ बृजभूषण ने दिया जवाब


भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों और दर्ज की गई एफआईआर पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि मैं निर्दोष हूं और जांच का सामना करने के लिए तैयार हूं. मैं जांच एजेंसी को सहयोग करने के लिए तैयार हूं. मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और मैं सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्मान करता हूं.

वहीं इस्तीफे की मांग पर सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि इस्तीफा देना कोई बड़ी बात नहीं है लेकिन मैं अपराधी नहीं हूं. अगर मैं इस्तीफा देता हूं तो इसका मतलब होगा कि मैंने उनके (पहलवानों) आरोपों को स्वीकार कर लिया है. मेरा कार्यकाल लगभग समाप्त हो गया है. सरकार ने 3 सदस्यीय समिति बनाई है और चुनाव 45 दिनों में होंगे और चुनाव के बाद मेरा कार्यकाल समाप्त हो जाएगा.

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि हर दिन वे (पहलवान) अपनी नई मांग लेकर आ रहे हैं. उन्होंने एफआईआर की मांग की, एफआईआर दर्ज की गई और अब वे कह रहे हैं कि मुझे जेल भेज देना चाहिए और सभी पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए. मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों की वजह से सांसद हूं न कि विनेश फोगट की वजह से. केवल एक परिवार और अखाड़ा (विरोध कर रहे हैं) और हरियाणा के 90% खिलाड़ी मेरे साथ हैं.

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उन्होंने (पहलवानों ने) 12 साल तक किसी पुलिस थाने, खेल मंत्रालय या महासंघ से शिकायत नहीं की. विरोध करने से पहले वे मेरी तारीफ करते थे, मुझे अपनी शादी में बुलाते थे और मेरे साथ फोटो खिंचाते थे, मेरा आशीर्वाद लेते थे. अब मामला सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली पुलिस के पास है और मैं उनका फैसला मानूंगा. भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि मैं शुरू से कह रहा हूं कि इस विरोध के पीछे कुछ उद्योगपतियों और कांग्रेस का हाथ है. यह पहलवानों का विरोध नहीं है.