तीन कृषि कानूनों के विरोध में मनाया जाएगा काला दिवस : बिजेंद्र श्योराण

कितलाना टोल पर 71वें दिन किसानों का अनिश्चित कालीन धरना जारी, हुई जोरदार नारेबाजी


 संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर तीन कृषि कानूनों के विरोध में शनिवार को जिले भर में काला दिवस मनाया जाएगा। ये ऐलान सर्वजातीय श्योराण खाप 25 के प्रधान और कितलाना टोल अध्यक्ष मंडल के सदस्य बिजेंद्र श्योराण ने धरने को संबोधित करते हुए किया। उन्होंने कहा कि किसानों के हाथ मजबूत करने और कुम्भकर्णी नींद में सोई केंद्र सरकार को जगाने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा ने काला दिवस मनाने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि 

बाढड़ा में क्रांतिकारी चौक पर काले झंडों के साथ सुबह 11 बजे प्रदर्शन किया जाएगा।  सांगवान खाप 40 के सचिव नरसिंह डीपीई ने कहा कि काले दिवस के मौके पर कितलाना टोल के साथ जिले के हर गांव में काले झंडे फहराए जाएंगे और धरने पर काली पट्टी बांधकर तीन काले कानूनों की खिलाफत करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को अहंकार छोड़ किसानों से बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसान और मजदूर अपनी वाजिब लड़ाई लड़ रहे हैं और अब जीतकर ही वापसी करेंगे।

                   सर्वजातीय फौगाट खाप 19 के प्रधान बलवंत नम्बरदार ने कहा कि दादरी में काला दिवस मनाने के लिए सुबह 10 बजे हाथी पार्क में इलाके की सभी खाप, किसान, मजदूर, व्यापारी और कर्मचारी संगठन एकत्रित होंगे और उसके बाद शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर काले झंडे फहराकर प्रदर्शन करेंगे।

                 किसान नेता गंगाराम श्योराण, भाकियू के जिला प्रधान राकेश आर्य, कामरेड ओमप्रकाश और युवा कल्याण संगठन के संयोजक कमल प्रधान ने कहा कि किसान आंदोलन को मजबूती देने के लिए भिवानी शहर में काला दिवस मनाया जाएगा और चौराहों पर काले झंडे लहराए जाएंगे।

                कितलाना टोल पर धरने के 71वें दिन नरसिंह डीपीई, बलवंत नम्बरदार, बिजेंद्र बेरला, रणधीर कुंगड़, मास्टर ओमप्रकाश, चंद्र हड़ौदी, पूर्व सरपंच निर्मला देवी, सुभाष  यादव, राकेश आर्य ने संयुक्त रूप से अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गई है।

                धरने का मंच संचालन रणधीर घिकाड़ा ने किया। इस अवसर पर कप्तान रणधीर सिंह चहल, सूबेदार आजाद सिंह, राजू मान, धर्मेन्द्र छपार, जसबीर पेटवाड़, मीना, कमला, गुड्डी, मूर्ति, नत्थूराम फौगाट, वजीर, रघुबीर खटक, वेदपाल, सुरेश डोहकी, जोगेंद्र चरखी, मीर सिंह, देशराम भांडवा, बिजेंद्र दादा झोझू, कप्तान जयपाल, पूर्व सरपंच अत्तर सिंह बलाली, रत्तन सिंह बोहरा, प्रेम सिंह, शमशेर सांगवान, सुबेदार सत्यवीर, पूर्व सरपंच समुन्द्र सिंह इत्यादि मौजूद थे।