दरिया का सारा नशा ही उतरता चला गया; नेहरू का जिक्र कर सुधांशु ने कांग्रेस को खूब सुनाया

संसद के दोनों सदनों में शुक्रवार को नीट-यूजी परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों समेत कई मामलों पर जोरदार हंगामा जारी रहा। लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे ही सोमवार तक के लिए स्थगित हो गई। हालांकि राज्यसभा में  दिलचस्प बहस भी हुई। सुधांशु त्रिवेदी ने चुनाव नतीजों का जिक्र करते हुए विपक्ष को जमकर सुनाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस तीन चुनाव के बाद भी तीन अंकों में नहीं पहुंच पाई। फिर भी इतनी खुश है। इसके पीछे वह मानसिकता है, जिसमें फेल होने वाला बच्चा यदि थर्ड डिविजन से भी पास हो जाए तो बहुत खुश होता है।

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, ‘तीसरी बार में भी तीन डिजिट में न आ पााने वाले लोग आखिर क्यों पटाखे दाग रहे थे। इसकी वजह यह थी कि लगातार फेल होने वाला बच्चा यदि ग्रेस मार्क्स से पास हो जाए तो बहुत खुशी होती है। वहीं हमेशा डिस्टिंक्शन पाने वाले को यदि फर्स्ट डिविजन मिले, तब भी वह दुखी होता है।’ उन्होंने एक किस्सा सुनाते हुए कहा कि पहले के दौर में डिविजन पता चलती थी और रिजल्ट में उसे रोमन नंबर में लिखा जाता था। मेरे मोहल्ले में एक बार एक बच्चा फर्स्ट डिविजन से पास हुआ और दूसरा थर्ड से। फर्स्ट डिविजन से पास होने वाला दुखी था क्योंकि उसे मेरिट की उम्मीद थी। वहीं थर्ड डिविजन वाला बहुत खुश था। उससे लोगों ने पूछा कि ऐसा क्या है कि खुश हो। इस पर थर्ड डिविजन वाले ने कहा कि मेरा भी डिविजन फर्स्ट है और उसके साथ दो बॉडीगार्ड भी मिले हैं।