रणघोष अपडेट. बाढड़ा
पहले ग्रामीण भूमि के हस्तांतरण और अब बिजली बिलों पर 2 प्रतिशत टैक्स थोपकर हरियाणा सरकार ने दो हफ्ते के भीतर दूसरी बार जनता की जेब पर वार किया है इस अत्याचार को सहन नहीं किया जाएगा। यह बात किसान नेता राजू मान ने बिजली बिलों में बढ़ोतरी के खिलाफ रोष जता रहे ग्रामीणों की अगुवाई करते हुए कही। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार आम जनता को जख्म देने पर जुटी है। उन्होंने कहा कि सरकार कोरोना की आड़ में पहले तीन कृषि कानून लेकर आई जिसके विरोध में देश भर के लाखों किसान दिल्ली बॉर्डर पर 29 दिन से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। इस बीच हरियाणा सरकार एक के बाद एक तुगलकी फरमान जारी कर लोगों को आर्थिक रूप से तोड़ने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि लोगों को राहत देने की बजाए उनका उत्पीड़न कर रही है। मान ने कहा कि हरियाणा सरकार दावा कर रही है कि बिजली निगम फायदे में चल रहे हैं। ऐसे में लोगों पर बोझ डालना कहां न्यायोचित है। ये हालात तो तब है जब हरियाणा सरकार अपने बिजली प्लांटों से पूरा उत्पादन लेने की बजाए बाहर से महंगे दामों में बिजली खरीद रही है। सरकार को चाहिए कि अपने प्लांट को पूरी तरह चलाये और जनता को राहत दे। इस मौके पर डॉ शेर सिंह श्योराण, सुरेंद्र श्योराण, धर्मेंद्र श्योराण, मामन जांगड़ा, बलवान सिंह, मोहन सैनी, शिव स्वामी, बीर सिंह सभ्रवाल, हंसराज जेवली, देवेंद्र श्योराण, सतपाल, सुखबीर प्रजापत, सतबीर जांगड़ा, मंजीत, दिनेश, सोमबीर, रघुबीर सिंह, मीर सिंह, संदीप, अजित मान समेत अनेक ग्रामीण मौजूद थे।