रणघोष न्यूज़। नई दिल्ली।
नीट पेपर लीक मामले को लेकर चले छात्र आंदोलन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब सोशल मीडिया पर एक नए अभियान ने जोर पकड़ लिया है। ‘E20 जनता पार्टी’ नाम से शुरू हुए इस अभियान में पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण (E20) का विरोध करते हुए शुद्ध पेट्रोल उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और इंस्टाग्राम पर शुरू हुए इस अभियान को शुरुआती घंटों में ही बड़ी संख्या में लोगों का समर्थन मिला। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एक्स पर इसके 22 हजार से अधिक और इंस्टाग्राम पर 30 हजार से अधिक फॉलोअर्स जुड़ चुके हैं।
अभियान के तहत जारी पोस्ट में कहा गया है कि वाहन मालिकों की कारों पर किसी तरह का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए। पोस्ट में लिखा गया है कि देश के लोग अपनी गाड़ियां अपनी मेहनत की कमाई से खरीदते हैं और उन्हें निर्माता की सलाह के अनुसार उपयुक्त ईंधन चुनने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।
अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि भारत जैसे मध्यमवर्गीय देश में ईंधन की गुणवत्ता, माइलेज और वाहन का प्रदर्शन सीधे लोगों के दैनिक खर्च को प्रभावित करता है। इसलिए उपभोक्ताओं को वही ईंधन उपलब्ध कराया जाना चाहिए, जो वाहन निर्माता की सिफारिश के अनुरूप हो।
‘E20 जनता पार्टी’ ने अपनी प्रमुख मांगों में वाहन निर्माता की सलाह के अनुरूप ईंधन उपलब्ध कराने, आम नागरिकों पर किसी प्रकार का ईंधन प्रयोग न करने तथा उपभोक्ताओं को अपनी पसंद का ईंधन चुनने की स्वतंत्रता देने की मांग उठाई है।
गौरतलब है कि इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर लंबे समय तक आंदोलन चलाया था। इस आंदोलन में देशभर से बड़ी संख्या में छात्रों ने भाग लिया था। आंदोलन के दौरान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग प्रमुख मुद्दा रही और उनके इस्तीफे के बाद संगठन ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी थी।
इसी घटनाक्रम के बाद अब ईंधन नीति और E20 मिश्रित पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर ‘E20 जनता पार्टी’ के नाम से नया अभियान शुरू हुआ है, जो शुद्ध पेट्रोल उपलब्ध कराने की मांग को लेकर चर्चा में बना हुआ है।