कापडीवास ने 5 बार चुनाव लड़े एक बार जीत पाए , जनाधार विहीन साबित हुए
अरविंद अगर जनाधार वाले नेता तो जिला पार्षद का चुनाव लड़ कर देंख ले
रणघोष अपडेट. रेवाड़ी
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य व रेवाड़ी विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी रहे सुनील यादव मूसेपुर ने कहां है कि भाजपा को विश्व में सबसे बड़ी पार्टी बनाने में देशभर से जुड़े नए कार्यकर्ताओं की मुख्य भूमिका है। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल में अगर नए लोग नहीं जुड़ेंगे और नए कार्यकर्ताओं का प्रवेश नहीं होगा तो वह पार्टियां खत्म हो जाती है। हरियाणा में जनाधार वाले नेताओं व कार्यकर्ताओं के जुड़ने से पार्टी लगातार दो बार हरियाणा में सत्ता में विराजमान हुई है। यह पार्टी से जुड़ने वाले कार्यकर्ताओं की मेहनत का ही परिणाम था।
यादव ने कहा कि 5 बार विधानसभा का चुनाव लड़ने वाले पूर्व विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास केवल एक बार चुनाव जीत पाए। उनका यह आंकड़ा बताता है कि जनता में जनाधार विहीन नेता थे। 2014 में भी कापडीवास इसलिए जीत पाए क्योंकि राव इंदरजीत व उनके कार्यकर्ताओं ने घर -घर जाकर पार्टी के लिए वोट मांगने का कार्य किया था। राव इंद्रजीत का ही आशीर्वाद था कि कापड़ीवास विधानसभा का मुंह देख पाए। सुनील यादव ने कहा कि वश भारतीय जनता पार्टी के साथ ने उनके कार्य को देखते हुए 2019 में टिकट दी। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें योग्य माना होगा तो ही उन्हें टिकट मिली। लेकिन पार्टी द्वारा उम्मीदवार बनाए जाने के बाद पार्टी के सिद्धांतों का दम भरने वाले नेता ही सबसे पहले बगावत पर उतारू हुए।
इसलिए इन नेताओं को बताना चाहिए कि पार्टी के इतना सम्मान देने के बाद भी इन्होंने पार्टी की खिलाफत क्यों की? इन नेताओं ने पार्टी को अपनी संपत्ति समझ रखा है कि केवल इन्हें ही टिकट मिले।किसी आम कार्यकर्ता को नहीं। यह आरोप हम पर लगाने से पहले इनको अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। मुसेपुर ने कहां की विधानसभा चुनाव में पार्टी से गद्दारी करने वाले इन नेताओं का गठजोड़ आज भी जारी है। इन नेताओं का एक साथ में आना और एक साथ राव के खिलाफ बोलना विधानसभा चुनाव में पार्टी के खिलाफ गठजोड़ का आज भी प्रमाण है। नगर परिषद चुनाव में भी इन नेताओं का गठजोड़ पार्टी के विरोध में था। इन नेताओं ने विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री की अपील का विरोध कर दिखाया था कि पार्टी के सिद्धांत उनके लिए कोई मायने नहीं रखते।