रेवाड़ी शहर में जैन परिवार के घर में डैकेती

घर को लूटते हुए डैकेत कह रहे थे हमें माफ करना हमारी मजबूरी है


रणघोष खास. रेवाड़ी


रविवार देर रात 2 बजे बावल रोड पर जैन मंदिर से सटे दीवान जैन परिवार के घर में घुसकर पांच बदमाश लाखों  रुपए के आभूषण व नगदी लेकर फरार हो गए। इस गिरोह ने परिवार के किसी भी सदस्य पर हमला नहीं किया जहां बिस्तर पर लेटे हुए थे वहां से हिलने तक नहीं दिया। एक ने बिहारी- यूपी के लहजे में इतना कहां कि हमें माफ करना हमारी मजबूरी है। बच्चे पालने हैं। डर के मारे मालिक ने अलमारी की चाबी भी देनी चाही लेकिन उन्होंने लेने से मना कर दिया और अपने हथियार से अलमारी को तोड़ दिया। संयोग से पास के कमरे में सो रही अमेरिका से आई परिवारिक महिला को शक हुआ तो उसने मोबाइल से रेवाड़ी में रह रहे रिश्तेदारों को आने के लिए कहा। इसकी भनक बदमाशों को लग गई और वे उनके आने से पहले ही जो भी सामान मिला उसे लेकर फरार हो गए। उसके बाद सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी।

इस पूरे घटनाक्रम में कई सवाल सामने आ रहे हैं। पहला इस गिरोह ने वारदात को अंजाम देने से पहले घर में प्रवेश करने से लेकर लूटने तक की तैयारी पहले ही कर ली थी। दूसरा गिरोह के सदस्य लोकल नहीं होकर बाहरी थे जो उनकी भाषा से समझ में आ रहा था। तीसरा वे पूरी तरह से प्रोफेशनल नहीं थे इसलिए उन्होंने परिवार के किसी सदस्य को हताहत नहीं किया। आमतौर पर वे लूट के साथ हमला करने में भी पीछे नहीं हटते। सबसे महत्वपूर्ण जब गिरोह के सदस्यों को पता चला कि उनकी भनक पास के कमरे में किसी सदस्य को लग गई है तो वे बजाय उस पर हमला करने के भागने में भलाई समझी। दीवान जैन ने बताया कि बदमाशों का लहजा सलीके वाला था बस वे घर में रखी नगदी व आभूषण लूटना चाहते थे। दीवान जैन जिस तरह से मीडिया को घटना की जानकारी दे रहे थे उस समय उनके चेहरे पर कोई खौफ नहीं था। बल्कि बेहद शांत थे। उन्होंने कहा कि बदमाशों की भाषा शैली में अभद्रता नहीं थी।