शिशुशाला स्कूल चुनाव से पहले का असली सच सामने आया

एक साल तक छिपाए रखा इंकवायरी का लैटर, अनाज मंडी में बाबू को बुलाकर चुपके से थमा दिया


रणघोष खास. रेवाड़ी से सुभाष चौधरी


शहर के माडल टाउन स्थित एक समय की नामी शिक्षण संस्थान शिशुशाला स्कूल को संचालित कर रही हरिज्ञान एजुकेशन सोसायटी की  प्रबंधन समिति के चुनाव को लेकर फर्म एवं रजिस्ट्रार सोसायटी ने शैडयूल जारी कर दिया है। चुनाव कराना व्यवस्था को दुरुस्त कराना है या फिर कोई बड़े खेल की रणनीति का हिस्सा इसका असल सच आना बाकी है। रणघोष जो खुलासा करने जा रहा है वह सीधे तौर पर चुनाव कराने की पैरवी करने वालों की मंशा पर एक साथ कई सवाल खड़े कर रहा है। दरअसल 5 अप्रैल 2021 को रजिस्ट्रार जनरल आफ सोसायटीज के ज्वांइट रजिस्ट्रार ऑफ सोसायटी ने जिला रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर स्कूल की कार्यप्रणाली व प्रबंधन समिति के कुछ सदस्यों की तरफ स्कूल को बेचने की तैयारी से संबंध में आ रही शिकायतों की जांच करने के आदेश जारी किए थे। जब यह पत्र जिला कार्यालय में पहुंचा तो उसे रिकार्ड से गायब कर दिया गया। नतीजा कोई इंकवायरी नहीं हुईं। अधिकारी बदलते गए और कुछ नहीं हुआ। शिकायतकर्ता भी हैरान थे कि पूरा महकमा किसके इशारे पर चल रहा है। दरअसल असल सच यह है कि भंग हुई प्रबंधन समिति में आधे से ज्यादा सदस्य चाहते हैं कि यह स्कूल किसी तरह बिक जाए। दावा किया जा रहा है कि खरीदने वालों ने इन सदस्यों कौ मैनेज भी कर लिया था। कुछ सदस्य इसके खिलाफ थे। वे चाहते थे कि सरकार इसे अपने अधीन लेकर इसे चलाए क्योंकि यह शहर की सबसे बेहतरीन शिक्षण संस्थाओं में शामिल है और ट्रस्ट द्वारा संचालित है। इस स्कूल संपत्ति की अनुमानित लागत 80 करोड़ से ज्यादा बताई जा रही है। इसे संचालित करती आ रही दो अविवाहित बहनों का निधन हो चुका है। समिति में शहर के जाने माने उद्योगपति, समाजसेवी, नेता, वकील एवं सामाजिक कार्यकर्ता सदस्य है। करीब 32 के आस पास इनके सदस्यों की संख्या है जिसमें कुछ का निधन हो चुका है। सदस्यों में पूर्व मंत्री कप्तान अजय सिंह यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री कर्नल राम सिंह के पुत्र संजय राव, उद्योगपति अशोक सोमाणी, विजय सोमाणी, डीके जैन, सतेंद्र प्रसाद टपूकड़ेवाला, सूर्यकांत सैनी, वरिष्ठ अधिवक्ता कैलाश यादव, करतार चौधरी, नरेश चौहान एडवोकेट विशेष तौर से शामिल है।

ऐसे हुआ खुलासा, क्लर्क की शिकायत पर उच्च अधिकारियों को अवगत कराया


20 अप्रैल 2022 को जिला रजिस्ट्रार ने महानिदेशक उद्योग एवं वाणिज्य विभाग चंडीगढ़ को एक पत्र भेजा जिसमें बताया गया कि 12 अप्रैल 2022 को हरिज्ञान एजुकेशन सोसायटी चुनाव विवाद को लेकर चंडीगढ़ स्थित राज्य रजिस्ट्रार आफ समितियां हरियाणा के मुख्यालय में सुनवाई थी। जिला कार्यालय की तरफ से किसी प्रतिनिधि को उपस्थित होना था। संदीप क्लर्क से इस केस की फाइल तैयार करने को कहा गया तो संदीप ने जो खुलासा किया वह हैरान करने वाला था। उसने लिखित में बताया कि इस संस्था की फाइल कार्यालय के एक अन्य कर्मचारी ने अपने पास घर पर रखी हुई थी और उसने 8 अप्रैल 2022 को सुबह 9 बजे अनाज मंडी में बुलाकर यह फाइल दे दी। जिस कर्मचारी ने यह घालमेल किया उसका सगा भाई कार्यालय में चौकीदार भी है। इस फाइल में 5 अप्रैल 2021 को चंडीगढ़ से इंकवायरी को लेकर आया वह पत्र भी है जिसमें डीसी की सिफारिश पर हरिज्ञान एजुकेशन सोसायटी की धारा 54 के अनुसार जांच करने के बारे में लिखा था। जिस समय यह पत्र जारी हुआ उस समय यही कर्मचारी संदीप की  जगह  डिलिंग हैंड थे। जिला रजिस्ट्रार ने पत्र में यह भी लिखा है कि कार्यालय में इस केस से संबंधित अन्य फाइल में यह इंकवायरी वाला पत्र पहले गायब था। इससे साफ जाहिर होता है कि जानबूझकर सोची समझी साजिश के तहत जांच कार्रवाई वाले पत्र को छिपाया गया। अगर उस समय पत्र के आधार पर जांच होती तो आज स्थिति एकदम अलग होती। यह खेल उन प्रोपर्टी डीलरों के इशारें पर हुआ जो सोसायटी के कुछ सदस्यों से मिलकर इस स्कूल को बेचने का इरादा बना चुके हैं।

इस खुलासे के बाद स्थगित हो सकता है चुनाव


इस खुलासे के बाद सोसायटी का होने वाला चुनाव स्थगित हो सकता है। इसकी वजह भी साफ है जो सोसायटी सदस्य आनन फानन में चुनाव कराना चाहते हैं वे नहीं चाहते कि इससे पहले जो भी अनियमिताएं व स्कूल को बेचने को लेकर रिकार्ड से जो गड़बड़ी हुई उसकी जांच हो। इसलिए जिला रजिस्ट्रार कार्यालय के कुछ कर्मचारी भी इस खेल में पूरी तरह से शामिल थे।

उपायुक्त से निष्पक्ष जांच कराने की उम्मीद


स्कूल को बचाने में लगे समिति के कुछ सदस्य डीसी अशोक कुमार गर्ग से मिलकर वास्तु स्थिति से अवगत करा चुके हैं। ऐसे में उम्मीद है कि डीसी चुनाव से पहले इस पूरे मामले की जांच करा सकते हैं जिसके आदेश एक साल पहले जारी पत्र से हो चुके थे जिसे छिपा दिया गया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *