शादीशुदा बेटी को भी मिल सकती है माता-पिता की असमय मृत्यु पर अनुकंपा नौकरी: हाई कोर्ट

सरकारी नौकरी में तैनात माता या पिता की नौकरी की अवधि के दौरान मौत होने पर विवाहित बेटी भी अनुकंपा में नियुक्ति की हकदार है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए सोमवार को यह आदेश दिया। कोर्ट ने बेटियों के हक में निर्णय देते हुए कहा कि यदि शादीशुदा पुत्र अनुकंपा नियुक्ति का हकदार है तो बेटी क्यों नहीं। हाईकोर्ट ने आपने आदेश में कहा है कि यदि किसी सरकारी कर्मचारी की असमय मौत के बाद उसके आश्रित में बेरोजगार बेटा न हो तो उसकी बेटी भी आवेदन कर सकती है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह विवाहित है या नहीं। हाई कोर्ट का यह फैसला भविष्य में अनुकंपा नौकरी के मामलों में नजीर साबित हो सकता है। आमतौर पर अनुकंपा नौकरी के दायरे से विवाहित बेटी को बाहर माना जाता रहा है।

जबलपुर हाईकोर्ट ने यह फैसला एक मामले में सुनाया है, जिसमें सतनानिवासी प्रीती सिंह नाम की महिला ने एक जनहित याचिका डाली थी। अपने वकील की तरफ से उन्होंने दलील रखी थी कि उनकी मां मोहिनी सिंह जब कोलिगंवा पुलिस स्टेशन में ASI के रूप में तैनात थीं तो साल 2014 में हुई एक सड़क दुर्घटना में उनकी मौत हो गई थी। ऐसे में प्रीती सिंह ने अपनी मां की जगह पर अनुकंपा नियुक्ति का आवेदन किया था। लेकिन भोपाल पुलिस मुख्यालय ने उनके आवेदन को यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया था कि वह विवाहित हैं, इसलिए अनुकंपा नियुक्ति की हकदार नहीं है।

इसी कड़ी में प्रीती सिंह ने एक जनहित याचिका डाली थी। जज संजय द्विवेदी के सामने मामले में सुनवाई में वकील ने अपनी दलील में कहा कि भारतीय संविधान के आर्टिकल-14 में देश के हर एक नागरिक को समानता का अधिकार दिया गया है। ऐसे में अनुकंपा नियुक्ति में ऐसा भेदभाव क्यों किया गया है, जब एक शादीशुदा पुत्र अनुकंपा नियुक्ति पा सकता है तो बेटी क्यों नहीं? इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दलीलों को वाजिब ठहराते हुए उन्हें अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने का आदेश दिया। इस आदेश में कहा गया कि याचिकाकर्ता को शादीशुदा होने के बावजूद अनुकंपा नियुक्ति दी जाए। यह आदेश कई बेटियों के लिए नजीर की तरह है।

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