श्रमिक संगठन एआईयूटीयूसी की जिला कमेटी की एक बैठक संगठन के जिला अध्यक्ष बलराम यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में 15 मार्च रेल एवं सरकारी प्रतिष्ठानों के विरोध में एवं खेती-बाड़ी को कॉर्पोरेट घरानों को देने खिलाफ राव तुलाराम पार्क में प्रातः 11:00 इकट्ठा होकर रेलवे स्टेशन तक जुलूस निकालने का फैसला हुआ व स्टेशन मास्टर के मार्फत प्रधानमंत्री को ज्ञापन भी प्रेषित किया जाएगा।
मीटिंग को संगठन के प्रांतीय प्रधान एवं किसान आंदोलन में सक्रिय सोशल एक्टिविस्ट कामरेड राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने मुख्य वक्ता के तौर पर संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र की सरकार ने लॉकडाउन के दौरान एक के बाद एक जनविरोधी, श्रमिक विरोधी एवं किसान मजदूर विरोधी फैसले लिए हैं। रेलवे, एयरपोर्ट, बैंक समेत अन्य सरकारी उपक्रमों को अडानी अंबानी को देश दिया है। 44 श्रम कानूनों को रद्द करके चार लेबर कोड बनाकर सरेआम श्रमिक अधिकारों को छीन लिया गया है। 8 घंटे की बजाय प्रतिदिन 12 घंटे काम करने का कानून बना दिया गया है। अब केंद्र की सरकार कॉरपोरेट घरानों की खुली लूट के लिए खेती-बाड़ी को उनके हाथों में दे रही है। सरकार के मंत्री आज तक भी इस बात को नहीं समझा पाए हैं की आवश्यक वस्तु अधिनियम को खत्म करके उसी जगह जमाखोरी कानून लागू करके किसान मजदूरों को क्या फायदा होगा? कामरेड सिंह ने कहा किसान मजदूरों की रोटी और भूख कॉरपोरेट घरानों को देने की छूट किसी भी हालत में नहीं दी जा सकती। बैठक में अमृतलाल, सरदारा, पोप सिंह ताराचंद अशोक संतोष राजेश कविता ओमवती आदि ने अपने अपने विचार रखे।