रणघोष अपडेट. विश्वभर से
यूक्रेन रूस युद्ध शुरू होने के बाद से ही सूमी में फँसे भारतीयों को अब वहाँ से निकाला जा रहा है। भारत के विदेश मंत्रालय ने इसको लेकर एक बयान जारी किया है। इसने कहा है कि सूमी से सभी भारतीय छात्र निकल चुके हैं और वे फ़िलहाल पोल्टावा की ओर जा रहे हैं। वहाँ से वे ट्रेन के माध्यम से पश्चिमी यूक्रेन जाएंगे।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट किया है कि सूमी में फँसे सभी भारतीय छात्र पोल्टावा से होकर पश्चिमी यूक्रेन के लिए निकले हैं और ऑपरेशन गंगा के तहत उन्हें देश वापस लाने के लिए फ्लाइट को तैयार किया जा रहा है।एक रिपोर्ट के अनुसार सूमी में क़रीब 700 भारतीय छात्र फँसे थे। आज ही केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संवाददाताओं से कहा कि सूमी में फँसे सभी 694 भारतीय छात्र बसों में पोल्टावा के लिए रवाना हो गए हैं।
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, सूमी विश्वविद्यालय में एक मेडिकल छात्र ने पुष्टि की कि बसें आ गई हैं और छात्रों ने बसों में चढ़ना शुरू कर दिया है। छात्रों को सूमी और यूक्रेन की राजधानी कीव के पास इरपिन शहर से नागरिकों को निकालने के हिस्से के रूप में एक गलियारे के माध्यम से मध्य यूक्रेन के एक शहर पोल्टोवा में स्थानांतरित कर दिया गया। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने भी सूमी के नागरिकों को निकालने का एक वीडियो ट्वीट करते हुए कहा, ‘हम रूस से यूक्रेन में अन्य मानवीय गलियारों पर सहमत होने का आह्वान करते हैं’।