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सीएम की लिस्ट में बावल से डॉ. बनवारीलाल की टिकट कंफर्म, अरविंद यादव आरएसी तक पहुंचे


रणघोष खास. सुभाष चौधरी


मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने पहली बार  अपने करीब 9 साल के कार्यकाल में रेवाड़ी की राजनीतिक जमीन पर लहराती भाजपा की फसल का अपनी आंखों से मुआवना किया। इससे पहले इसका ब्यौरा संगठन के पदाधिकारी एवं गठित कमेटी तैयार करती रही है।  फसल  कुछ जगह उजड़ी व बिखरी नजर आई तो अन्य जगह उसे संभालने वाले भी मिले। बावल विधानसभा में सीएम  फसल की चौकीदारी कर रहे यहां के विधायक एवं राज्य के कैबिनेट मंत्री डॉ. बनवारीलाल से संतुष्ट नजर आए और लगे हाथ भरी सभा से अनुमति लेकर अगले 5 साल के लिए उन्हें ओर पहरेदारी करने का ऐलान करके चले गए। रेवाड़ी विधानसभा में यहां भाजपा का जनता की तरफ से कोई चौकीदार (विधायक) नहीं है। यहां सीएम ने अपनी बराबर वाली कुर्सी पर हरियाणा पर्यटन निगम के चेयरमैन अरविंद यादव को बैठाकर यह संदेश दे दिया कि वे यहां से 2024 के विधानसभा चुनाव में अगला चौकीदार बन सकते हैं। दूसरे लहजे से समझे तो अरविंद यादव आरएसी तक पहुंच चुके हैं। आरएसी रेलवे में टिकट कंफर्म से संबंधित वर्ड है इसका मतलब पैसेंजर्स को  आरएसी मिलने पर एक तरह से आधी बर्थ ही मिलती है। यानी वह ट्रेन में बैठ तो सकता है लेकिन सीट पर दूसरा आरएएसी होने की वजह से  सो नहीं सकता। अरविंद यादव पिछले चुनाव में भी इस सीट के प्रमुख दावेदारों में शामिल थे लेकिन ऐन मौके पर राव इंद्रजीत ने अपने समर्थक सुनील मुसेपुर को टिकट दिलाकर सभी दावेदारों का गणित बिगाड़ दिया था। उसके बाद से ही भाजपा में राव विरोधी के तौर पर एक बड़ा धड़ा राव के तौर तरीकों को भाजपा के खिलाफ बताकर हमला करता आ रहा है। इसलिए सीएम के तीन दिन के जनसंवाद कार्यक्रमों से राव समर्थकों ने दूरियां बनाए रखी। राव के नहीं आने की वजह जी-20 व चल रहे संसद सत्र में व्यस्तता बताई जा रही है। यहां आरती राव का नहीं होना भी बढ़ती दूरियों की तरफ इशारा है। हालांकि राव मौजूदा हालात में हाईकमान एवं सीएम के साथ तालमेल बनाकर आगे बढ़ रहे हैं लेकिन जमीनी हकीकत कुछ ओर ही तस्वीर बता रही है।  कोसली विधानसभा की तरफ सीएम जनसंवाद के अगले राउंड में रूख साफ करेंगे। इस सीट को अभी क्यों छोड़ा गया इसके भी कई मायने हैं। यह रोहतक संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है जहां से अरविंद शर्मा सांसद है। कांग्रेस के राज्य सभा सांसद दीपेंद्र हुडडा का हार के बावजूद इस सीट पर अच्छा खासा दबदबा है। कोसली पर भाजपा की तरफ से कई दावेदार है। केंद्रीय राव इंद्रजीत सिंह की यह पृतक राजनीतिक जमीन रही है जिस पर उनका परिवार और समर्थक अभी तक खेती करते आ रहे हैं। यहां राव अपना संसदीय क्षेत्र नहीं होने की बावजूद पूरा दखल और असर रखते हैं। कोसली विधायक लक्ष्मण यादव पिछला चुनाव अपने रसूक से राव व उनके विरोधियों के बीच तालमेल बनाते हुए अच्छी खासी वोटों से जीतने में कामयाब हो गए थे। इस बार नजारा पूरी तरह से बदला हुआ है। राव इंद्रजीत सिंह की बेटी आरती राव का मैदान में उतरना तय है। जानकारों की माने तो कोसली आरती राव के लिए अपने पिता की राजनीति विरासत को संभालने का मजबूत आधार है। इसलिए यहां भाजपा के टिकट दावेदार आरती को लेकर उथल फुथल की स्थिति में है। कुल मिलाकर सीएम का यह दौरा राव समर्थकों को बैचेन कर राजनीति के नए समीकरण बनाकर चला गया।

जनसंवाद में अपने वायदों को पूरा करने पर मिलेगा फायदा


सीएम मनोहरलाल जनसंवाद कार्यक्रमों में किए गए वायदों एवं भिवाड़ी से धारूहेड़ा आ रहे दूषित पानी निकासी जैसे अह्म मुद्दों को समय रहते पूरा कर पाए तो इसका सीधा फायदा भाजपा को होगा। अगर कागजी साबित हुए तो इसकी बड़ी कीमत यहां से चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार  को उठानी पड़ सकती है। यहां बता दें कि इससे पहले भी सीएम जिले में ऐसी अनेक योजनाओं की घोषणा, शिलान्यास कर चुके हैं जो पूरी तरह आज भी अधर में पड़ी हुई है। इसमें 2018 को सहाबी बैराज को पर्यटन स्थल बनाने, रेवाड़ी में सरकारी कॉलेज भवन विशेष तौर से शामिल है।