पंजाब: भ्रष्टाचार विरोधी छापे के दौरान गिरफ्तार आईएएस के बेटे की मौत

रणघोष अपडेट. देशभर से 

भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार आईएएस अधिकारी संजय पोपली के बेटे कार्तिक पोपली की शनिवार को चंडीगढ़ में गोली लगने से मौत हो गई। जहाँ पुलिस कह रही है कि कार्तिक की मौत आत्महत्या करने से हुई है, वहीं उसका परिवार आरोप लगा रहा है कि उसकी हत्या की गई है। संजय पोपली ने कहा है ‘मेरे बेटे को मेरे सामने ही मार दिया गया, मैं मेरे बेटे की मौत का प्रत्यक्षदर्शी गवाह हूँ।’संजय पोपली को पंजाब के नवांशहर में सीवरेज पाइपलाइन बिछाने के लिए टेंडर क्लियर करने के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। इसी भ्रष्टाचार के मामले में विजिलेंस टीम आज छापेमारी करने के लिए गिरफ्तार अधिकारी के घर पर गई थी। टीम ने इस दौरान सोने और चांदी के कई सिक्के, नकदी, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त करने का दावा किया। पुलिस ने कहा है कि अफ़सर संजय पोपली के घर से 12 किलो सोना बरामद किया गया है, एक किलो चांदी की तीन ईंटें भी मिली हैं और 10 ग्राम वजन के चांदी के सिक्के भी बरामद किए गए हैं। 

पुलिस ने कहा है कि एक स्टोर रूम के अंदर छिपाए गए बैग से कई फोन भी मिले हैं। इसने दावा किया है कि बैग की जब्ती के दौरान कार्तिक ने खुद को गोली मार ली। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार चंडीगढ़ के एसएसपी कुलदीप चहल ने कहा, ‘विजिलेंस टीम यहाँ संजय पोपली के आवास पर थी और उनके बेटे कार्तिक पोपली ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।’ चहल ने दावा किया कि 27 वर्षीय युवक ने अपने पिता की लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मार ली। उन्होंने कहा कि विजिलेंस टीम पूछताछ के लिए यहां पहुंची और गोली चलने की आवाज सुनी। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि सत्यापन के बाद उन्हें लगा कि उनके बेटे ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मार ली है। रिपोर्ट के अनुसार पोपली की पत्नी ने विजिलेंस टीम पर उनके इकलौते बेटे की हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, ‘भगवंत मान ने हमारे बेटे की हत्या की है। सतर्कता दल यहां हमारे आवास पर था और उन्होंने मेरे बेटे को मार डाला।’संजय पोपली की रिश्तेदार अनु प्रीत कुलर ने एएनआई से कहा, ‘विजिलेंस टीम ने संजय पोपली से कहा कि वह किसी चीज पर दस्तखत करें नहीं तो यह उनके बेटे के लिए अच्छा नहीं होगा। उन्होंने उसे कमरे में बंद कर दिया और उसके बेटे को ऊपर ले गए। हम नीचे खड़े थे और कुछ देर बाद हमें बंदूक की आवाज़ सुनाई दी। विजिलेंस वालों ने हत्या कर दी।’सतर्कता विभाग के एक अधिकारी ने कहा, ‘हत्या में हमारी कोई संलिप्तता नहीं है। हो सकता है कि इतनी भारी रिकवरी के कारण वह तनाव में था।’ सतर्कता विभाग के डीएसपी अजय कुमार ने कहा, ‘हमें अपने कार्यालय पहुँचने के बाद ही मौत के बारे में पता चला।’

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