सैनी समाज की प्रधानी पर खतरा, फर्जी आधार कार्ड, वोट के मजबूत सबूत

शहर के सबसे बड़े 6 हजार मतदाता वाले सैनी समाज की प्रधानी ओर अन्य कार्यकारिणी सदस्यों की कुर्सी पर खतरा मंडरा गया है।  स्टेट रजिस्ट्रार चंडीगढ़ ने इस वापस  जिला रजिस्टार को भेजते हुए जांच कर रिपोर्ट देने को  कहा है  । शिकायतकर्ताओं ने चुनाव में जबरदस्त धांधली के जो सबूत जुटाए हैं उसमें काफी दम है। बिना राजनीति दबाव एवं निष्पक्ष जांच के आधार पर कार्रवाई हुई तो सैनी समाज की मौजूदा कार्यकारिणी भंग हो सकती है। इसमें सबसे ज्यादा मुश्किलें पूर्व प्रधान चेतराम सैनी की बढ़ने वाली हैं जिसके खिलाफ ऑडियो से लेकर विडियो तक बनी हुई है जिसमें फर्जी आधार कार्ड बनाने और उनका इस्तेमाल करने की बात की जा रही है और सबूतों में यह साबित हो रहा है। शिकायकर्ता इसके अलावा फर्जी आधार कार्ड की शिकायत पर मामला दर्ज नहीं करने पर कोर्ट की शरण ले रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम में कालेजियम सदस्य का चुनाव लड़ रहे एडवोकेट मनमोहन सैनी की शिकायत भी गौर करने लायक है जिसमें कुल 138 लोगों ने वोट डाले लेकिन मतपेटी से 140 वोट निकले। मनमोहन सैनी की हार भी महज 2 वोटों से हुई। उसने भी जिला रजिस्ट्रार में शिकायत दर्ज की हुई है। कमल के निशान पर चुनाव लड़ने वाले ग्रुप की तरफ से  शिकायतकर्ता मुकेश कुमार, प्रीतम, जोगेंद्र सिंह सैनी एवं पूर्व प्रधान शशिभूषण टीम से भी 12 कॉलेजियम सदस्यों की संख्या के आधार पर स्टेट रजिस्ट्रार को शिकायत दर्ज की हुई है। जिस तरह शिकायत के साथ विडियो एवं ऑडियो को सबूतों के साथ जोड़ा गया है उसमें साफ साबित होता है कि मतदान में फर्जी आधार कार्ड बनाकर उन लोगों के वोट डाले गए हैं जो  काफी लंबे समय से बाहर रहे थे। विडियो में मौके पर ही फर्जी आधार कार्ड बनते एवं होता विवाद साफ नजर आ रहा था। आडियो में माना  कि दो तीन फर्जी आधार कार्ड ही तो बने हैं से यह साबित हो रहा था कि चुनाव जीतने के लिए सभी गैर कानूनी रास्तों को अपनाया गया। इस पूरे मामले में पूर्व प्रधान चेतराम सैनी की मुश्किलें बढ़ सकती है। शिकायकर्ताओं का आरोप है कि यह चुनाव बहुत पहले ही रद्द हो जाता कि लेकिन राजनीति हस्तक्षेप के चलते उसे तारीखों पर लंबा खिंचा जा रहा है। स्टेट रजिस्ट्रार से उम्मीद है कि वे इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सही निर्णय सुनाएंगे। इसके अलावा शिकायकर्ता कोर्ट में भी फर्जी आधार कार्ड बनाने के आरोप में आरोपी पक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी में जुट गया है।

 चुनाव में घोटालों का पर्दाफाश करने वाला चेतराम सैनी गुट अब चुप

सैनी समाज के चुनाव में पूर्व प्रधान चेतराम सैनी ने मौजूदा प्रधान शशिभूषण सैनी गुट पर अपने कार्यकाल में जमकर भ्रष्टाचार करने के आरोप लगाए थे। साथ ही यह भी दावा किया था कि उनकी टीम बनने पर वे सबसे पहले सभी घोटालों को उजागर कर दूध का दूध पानी का पानी कर देंगे। चार माह से अधिक का समय बीत चुका है। कार्रवाई तो दूर अब नई टीम इस मसले पर बोलने तक तैयार नहीं है। 10 जुलाई को हुए चुनाव में कॉलेजियम सदस्यों की बहुमत संख्या के आधार पर  सैनी समाज के प्रधान नवीन सैनी मनोनीत हुए लेकिन चुनाव लड़ने की पूरी रणनीति एवं  कमान चेतराम सैनी के पास थी।

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