राव दान सिंह, राव कमलवीर, सोमबीर सांगवान ने कितलाना टोल पर बढ़ाया किसानों का हौंसला

 दक्षिण हरियाणा रणबांकुरों और मेहनतकशों की भूमि, किसानों की जीत निश्चित


 चेतावनी- किसानों को बदनाम करने से बाज आएं भाजपा और संघी, मीडिया का गला ना घोटे सरकार


रणघोष अपडेट. चरखी दादरी


दक्षिण हरियाणा रणबांकुरों और मेहनतकशों की भूमि है। जब जब यहां के लोग आंदोलन में उतरे हैं उन्होंने जीत हासिल की है। यह बात प्रदेश के पूर्व संसदीय सचिव महेंद्रगढ़ से कांग्रेस विधायक राव दान सिंह ने कितलाना टोल पर किसानों के अनिश्चित कालीन धरने को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसान को दिवालिया बनाने पर तुली है। उनकी मंशा भांपकर 36 बिरादरी कंधे से कंधा मिलाकर इन तीनों काले कानून के खिलाफ मैदान में खड़ी हुई है। निश्चित तौर पर सरकार को ये कानून वापिस लेने पड़ेंगे।  गुरुग्राम में दो महीने से किसान आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभा रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राव कमलवीर ने कहा कि ये समय राजनीति से हटकर किसानों की लड़ाई लड़ने का है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन तीनों काले कानूनों की आड़ में अपने चहेते पूंजीपति मित्रों को लाभ पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इन तीनो  काले कानूनों से किसान तो बर्बाद होगा ही गरीब और मध्यम वर्ग वाले भी इसकी मार से नहीं बचेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा फुट डालो और राज करो कि नीति पर चल रही है उसको मुंहतोड़ जवाब देना होगा। दादरी से निर्दलीय विधायक और खाप 40 सांगवान के प्रधान सोमबीर सांगवान ने कहा कि किसान नेता राकेश टिकैत के गिरे एक एक आंसू का बदला लिया जाएगा और जब तक तीनों काले कानून रद्द नहीं होंगे हम पीछे मुड़कर नहीं देखेंगे। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी भूल रहे हैं कि जिस कुर्सी पर वे बैठे हैं वो जनता की देन है। सरकार की इसी बजट सत्र में तीनों काले कानून रद्द कर एमएसपी की गारंटी देने का कानून पास करना चाहिए ताकि धरने पर बैठे लाखों किसान शांतिपूर्वक घर लौट सकें। कितलाना टोल पर चल रहे किसानों के अनिश्चित कालीन धरने के 39वें दिन नरसिंह डीपीई, बिजेंद्र बेरला, रणधीर कुंगड़, बलबीर बजाड़, रत्तन जिंदल, सुभाष यादव ने संयुक्त रूप से अध्यक्षता की। अध्यक्ष मंडल ने संयुक्त रूप से भाजपा और आरएसएस द्वारा किसानों को बदनाम करने पर रोक लगाने के साथ दिल्ली में 6 वरिष्ठ पत्रकारों पर झूठे केस दर्ज करने और किसान आंदोलन की कवरेज कर रहे पत्रकार मंदीप पुनियां को सिंधु बॉर्डर से जबरदस्ती उठाकर गिरफ्तार करने के विरोध में प्रस्ताव रखा जिसका सभी ने हाथ उठाकर अनुमोदन किया। वक्ताओं ने सरकार से इंटरनेट से लगाई पाबन्दी हटाने को कहा। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि वो ऐसी नापाक हरकतों पर रोक लगाए अन्यथा इसके गंभीर नतीजे भुगतने को तैयार रहे। आज भी टोल फ्री रहा। धरने का मंच संचालन कामरेड ओमप्रकाश ने किया। इस अवसर पर अर्जुन अवार्डी आसन सांगवान, गंगाराम श्योराण, राजू मान, सज्जन कुमार सिंगला, कमल प्रधान, दिलबाग ग्रेवाल, अधिवक्ता शौकीन वर्मा, धर्मेन्द्र छपार, कृष्ण शर्मा, हंसराज जोगी, नरदेव बीडीसी, हंसराज फौगाट, सब्बीर हुसैन, सतबीर घुसकानी, शीशराम यादव, कृष्णा सांगवान, मुकेश पहाड़ी, संतोष  देशवाल, देशराम भांडवा, कर्ण सिंह हुई, कमल सिंह, आजाद सिंह, राजबीर, ईश्वर सिंह इत्यादि मौजूद थे।

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