Avadh Ojha , Abhijeet Deepke को लेकर मशहूर कोचिंग गुरु और आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता अवध ओझा का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके का सबसे बड़ा लक्ष्य देश में जनजागरण होना चाहिए। ओझा के अनुसार, जनता को यह समझाना जरूरी है कि लोकतंत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और बुनियादी ढांचे जैसे मुद्दों पर सवाल पूछने और ताली बजाने की संस्कृति विकसित होनी चाहिए।
एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान अवध ओझा ने कहा कि उन्होंने स्वयं अभिजीत दीपके से फोन पर बात कर उन्हें बधाई दी थी। साथ ही सलाह दी कि CJP को महात्मा गांधी के मार्ग पर चलते हुए पूरे देश में जनजागरण अभियान चलाना चाहिए। उनका कहना था कि पार्टी को गांव-गांव, शहर-शहर और हर वार्ड तक पहुंचकर लोगों को लोकतांत्रिक मुद्दों के प्रति जागरूक करना चाहिए।
ओझा ने कहा कि आज देश में नेताओं की कमी नहीं है, बल्कि जागरूक मतदाताओं की कमी है। उन्होंने विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं का उदाहरण देते हुए कहा कि हर दल में सक्षम और योग्य नेता मौजूद हैं। उनके अनुसार, समस्या यह है कि जनता अपने प्रतिनिधियों से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, उद्योग और बजट जैसे मूलभूत मुद्दों पर जवाब नहीं मांगती।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब जनता भावनात्मक और धार्मिक बहसों से आगे बढ़कर विकास, रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा जैसे विषयों को प्राथमिकता देगी। ओझा ने कहा कि नागरिकों को यह समझना होगा कि सरकारों का मूल्यांकन उनके कामकाज और नीतियों के आधार पर होना चाहिए।
युवा नेतृत्व के सवाल पर अवध ओझा ने कहा कि देश में नई पीढ़ी के नेताओं को अवसर मिलना चाहिए, क्योंकि वे वर्तमान समय की चुनौतियों और जरूरतों को बेहतर ढंग से समझते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भारत जैसा विविधताओं वाला देश केवल युवा नेतृत्व से नहीं, बल्कि दीर्घकालिक जनजागरण और सामाजिक समझ से आगे बढ़ सकता है। उन्होंने महात्मा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि देश को स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जागरूक करने में वर्षों का समय लगा था।
अभिजीत दीपके और CJP के संदर्भ में ओझा ने कहा कि पार्टी को लोगों तक पहुंचकर लोकतांत्रिक चेतना विकसित करनी चाहिए। उनके अनुसार, CJP का सबसे बड़ा लक्ष्य जनता को यह समझाना होना चाहिए कि लोकतंत्र में सबसे महत्वपूर्ण विषय शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, रोजगार और आधारभूत सुविधाएं हैं। यदि जनता इन मुद्दों पर जवाबदेही तय करेगी, तभी लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।