बड़ी खबर : हरियाणा विधानसभा चुनाव की तस्वीर बदल देगा मैट्रो परियोजना का मुद्दा

– भाजपा नेताओं को इसका आभास तक नही, कांग्रेस इसे जीटी बैल्ट और दक्षिण हरियाणा में सबसे बड़ा मुददा बनाने की तैयारी में


-केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहरलाल एक कलम से हरियाणा के 8 जिलों की 34 विधानसभा सीटों का बदल सकते हैं मिजाज  


रणघोष खास. सुभाष चौधरी

हरियाणा में तीन महीने बाद नई सरकार बनने जा रही है। किसकी बनेगी यह समय बताएगा। इतना जरूर है की इस चुनाव में मैट्रो परियोजना किसी भी राजनीतिक दल के भविष्य की तस्वीर बदल सकती है। जिसको लेकर कांग्रेस का प्रदेश शीर्ष नेतृत्व समय रहते इसे चुनावी मुद्दा बनाने जा रहा है जिसका विजन रोहतक सांसद दीपेंद्र हुडडा ने तैयार किया है। जिसमें जीटी बैल्ट और दक्षिण हरियाणा के जिलों में इसे सबसे बड़े मुद्दे के तोर पर उठाया जाएगा।  दीपेंद्र हुडडा ने लोकसभा चुनाव में भी मैट्रो परियोजना को लेकर भाजपा की केंद्र व राज्य सरकार पर  जबरदस्त हमला बोला था। जिसकी वजह से रोहतक से भाजपा उम्मीदवार डॉ. अरविंद शर्मा को कहना पड़ा था की अगर वे जीतने के बाद मैट्रो को बहादुगढ़ से रोहतक नही लेकर  आए तो हमेशा के लिए राजनीति से सन्यास ले लेंगे। दीपेंद्र के हमलों के सामने भाजपा बैकफुट पर इसलिए नजर आ रही है क्योंकि यह परियोजना 2014 से पहले कांग्रेस की केंद्र व हरियाणा सरकार में तेजी से जमीन पर चल रही थी। सरकार बदलते ही इस परियोजना पर किसी ने अमल नहीं नहीं किया। यहां तक की भाजपा नेताओं को 9 साल तक राज करने के बाद भी मैट्रो को लेकर पूरी जानकारी तक नही थी। ऐसे में भाजपा की यही स्थिति रही तो यह परियोजना सबसे बड़ा मुद्दा बनकर भाजपा की तीसरी बार सरकार बनाने की रही सही उम्मीद पर भी पानी फेर सकता है।

केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल की एक कलम से बदल सकती है तस्वीर

हरियाणा में 9 साल मुख्यमंत्री रहकर प्रदेश की राजनीति का मिजाज समझ चुके  करनाल से सांसद बने मनोहरलाल खटटर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंत्रीमंडल में आवास, शहरी विकास  के साथ साथ ऊर्जा मंत्रालय संभाल रहे है। तीन महीने बाद होने जा रहे विधानसभा चुनाव में मोदी सरकार विकास से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट को हरियाणा की जमीन पर उतारने जा रही है। इसमें मुख्य तौर पर मैट्रो परियोजना शामिल है जिसकी फाइल शहरी विकास मंत्रालय की टेबल से होकर गुजरती है। लेकिन केंद्र में सरकार को बने हुए डेढ़ माह से अधिक का समय बीत चुका है। इस मुददे को लेकर भाजपा की तरफ कोई शोर या आवाज तक नहीं आई है जबकि यह उचित समय है। यहा बताना जरूरी है की इस लोकसभा चुनाव में मैट्रो सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है। रोहतक से कांग्रेस सांसद बने दीपेंद्र हुडडा ने मैट्रो को लेकर भाजपा को पूरी तरह से घेर लिया था।इसी  तरह गुरुग्राम संसदीय सीट पर भाजपा उम्मीदवार राव इंद्रजीत सिंह ने अपने तमाम भाषण में आरआरटीएस प्रोजेक्ट को प्रमुखता के साथ उठाते हुए संकल्प लिया था की मैट्रो पहले चरण में रेवाड़ी की बजाय बावल तक चलेगी। चुनाव जीतने के बाद उनका पहला काम यही होगा। इस चुनाव से कुछ  महीने पहले बतौर सीएम मनोहरलाल इस प्रोजेक्ट को लेकर बेहद ही गंभीर थे। उन्होंने दिल्ली से पानीपत तक स्वीकृत हो चुके मैट्रो के आरआरटीएस प्रोजेक्ट को करनाल तक लाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के अधिकारियों से मीटिंग कर करनाल तक डीपीआर बनाने को कहा था। इस पर अमल भी शुरू हो गया था। यहा बता दे की एनसीआरटीसी दिल्ली- बावल- अलवर ओर दिल्ली से पानीपत तक आरआरटीएस की फाइल स्वीकृति के लिए शहरी विकास मंत्रालय में भेज चुकी थी। उसे विश्वास था की इस लोकसभा चुनाव की आचार संहिता से पहले उसे केंद्र से मंजूरी मिल जाएगी लेकिन ऐसा नही हुआ। इस वजह से मैट्रो परियोजना की रफ्तार चुनाव के चलते वही ठहर गईं। अब  उम्मीद की जा रही थी सीएम से सांसद बनकर शहरी विकास मंत्रालय के मंत्री बने मनोहरलाल के लिए यह परियोजना ही हरियाणा में भाजपा की राजनीति को पटरी पर ला सकती है। लेकिन ऐसा कुछ नजर नही आ रहा है।

सीधे 34 से 40 सीटों पर असर डालेगी यह परियोजना

विधानसभा चुनाव में समय बेहद ही कम बचा है। मैट्रो परियोजना का मसौदा पहले से ही तैयार है बस मंजूरी का इंतजार है। केंद्रीय आवास, शहरी विकास मंत्री मनोहरलाल अगर इस पर गंभीरता से अमल करते हैं तो यह प्रोजेक्ट ही सीधे तौर पर हरियाणा की 30 से 40 सीटों पर असर डालेगा। वजह मैट्रो आमजन से लेकर प्रत्येक वर्ग की सबसे बड़ी आवगमन की आवश्यकता बन चुकी है। दिल्ली में मैट्रो की मौजूदगी से इसे समझा जा सकता है। पहले चरण में दिल्ली- गुरुग्राम- रेवाड़ी से बावल तक मैट्रो आने से गुरुग्राम की चार, रेवाड़ी की तीन ओर साथ लगते महेंद्रगढ़ जिले की चार विधानसभा सीटों पर भाजपा का दावा मजबूत हो जाएगा। इन तीनों जिलों का खान पान, रहन सहन ओर आना जाना परस्पर एक दूसरे जुड़ा हुआ है। इन जिलों से प्रतिदिन लाखों लोगों का सड़क व रेल के रास्ते आना जाना लगा रहता है। इसी तरह दिल्ली से बहादुरगढ़ तक पहुंच चुकी मैट्रो रोहतक तक आती है तो झज्जर और रोहतक की चार-चार विधानसभा के लोगों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। इसी तरह दिल्ली से पानीपत तक स्वीकृत आरआरटीएस पर अमल होते ही सोनीपत जिले की छह, पानीपत जिले की चार विधानसभा को प्रत्यक्ष ओर अप्रत्यक्ष तौर पर इसका सीधा फायदा होगा। मनोहरलाल अब किसी भी सूरत में इस परियोजना को करनाल तक लाने में सफल होगे। इसकी संभावना भी अब साकार नजर आने लगी है। ऐसा होने पर करनाल की पांच विधानसभा की जनता के लिए मैट्रो की सुविधा किसी वरदान से कम नही होगी। यहा बताना जरूरी है की करनाल संसदीय क्षेत्र में पानीपत भी आता है जहां से मनोहरलाल सांसद बने हैं। इतना ही नही करनाल विधानसभा से विधायक बनकर  नायब सैनी हरियाणा के मुख्यमंत्री है।  जाहिर है जब इन जिलों से मैट्रो का संचालन हो जाएगा उसका फायदा साथ लगते अन्य जिलों को भी होगा।

 मैट्रो से हर किसी की जिंदगी में आएगा बेहतर बदलाव

मैट्रो सुविधा से सड़क हादसे से घरों में मातम नहीं होगा। इस सुविधा से माता पिता अपने बच्चो के बेहतर भविष्य के लिए उन्हें दिल्ली व अन्य बड़े शहरों में भेजने में सक्षम महसूस  करेंगे। प्रदूषण पर काफी हद तक कंट्रोल हो जाएगा।  जिंदगी स्वस्थ्य होती चली जाएगी। सबसे बड़ी बात समाज में ऐसा कोई व्यक्ति है जिसे मैट्रो की जरूरत नहीं । सभी को मैट्रो चाहिए। इसलिए  भाजपा या कांग्रेस में किसी के लिए विधानसभा चुनाव में मैट्रो परियोजना सीधे तौर पर एक ब्रह्मशास्त्र का काम कर सकती है।