हाथरस में भगदड़ के बाद से फरार सूरजपाल सिंह उर्फ भोले बाबा जब पहली बार कैमरे के सामने आया तो काफी देर तक वह आंख बंद करके ही बैठा रहा । इसके बाद उसने यूं बयान देना शुरू किया मानो वह अपना बयान याद कर रहा हो। शनिवार की सुबह न्यूज एजेंसी एएनआई ने उसका वीडियो जारी किया। इसमें देखा जा सकता है कि सवाल के बाद काफी देर तक वह मौन रहा और इसके बाद घटना पर दुख जताना शुरू कर दिया। वहीं पूरे बयान में उसने खुद को इस घटना के लिए जिम्मेदार नहीं माना।
भोले बाबा ने कहा, सरकार से यही अपेक्षा है कि अराजकता फैलाने वाले तत्वों को बख्शा ना जाए। बता दें कि घटना के तत्काल बाद से ही भोले बाबा फरार हो गया था। वहीं उसका फोन भी बंद आ रहा है। हालांकि घटना के बाद उसने चार लोगों से फोन पर बात की थी जिसकी कॉल रिकॉर्ड मिली है। वहीं इस घटना का मुख्य आरोपी और एक लाख का इनामी देव प्रकाश को गिरफ्तार कर लिया गया है। माना जा रहा है कि भोले बाबा भी मैनपुरी के बिछवां आश्रम में ही छिपा है।
ईश्वर से साक्षात्कार का नाटक करने के बाद भोले बाबा ने बोलना शुरू किया। उसने कहा, दो जुलाई की घटना के बाद हम बहुत ही व्यथित हैं। प्रभु हमें व संगत को इस दुख की घड़ी से उबरने की शक्ति दें। सभी शासन एवं प्रशासन पर भरोसा बनाए रखें। हमें विश्वास है कि जो भी उपद्रवकारी हैं, वे बख्शे नहीं जाएंगे। हमने अपने वकील डॉ. एपी सिंह जी के माध्यम से कमेटी के महापुरुषों से प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्माओं के परिजनों और इलाजरत घायलों के साथ जीवनपर्यंत तन-मन धन से खड़े रहें। जिसको सभी ने माना भी है। सभी इस जिम्मेदारी को निभा भी रहे हैं। सभी महामन का सहारा ना छोड़ें। वर्तमान में वही सहारा हैं। सभी को सद्मति और सद्बुद्धी होने की इच्छा रखते हैं। नारायण साकार हरि की संपूर्ण ब्रह्मांड में सदा-सदा के लिए जय-जयकार।
BSP चीफ मायावती ने कहा है कि देश में गरीबों, दलितों और पीड़ितों को अपने दुख दूर करने के लिए भोले बाबा जैसे बाबाओं के अंधविश्वास में नहीं आना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के पथ पर चलकर उन्हें अपनी किस्मत बदलनी होगी। मायावती ने कहा कि हाथरस कांड में भोले बाबा सहित जो लोग भी दोषी हैं उनके खिलाफ सकख्त कार्रवाई होनी चाहिए। सरकार को राजनीतिक स्वार्थ में ढीला नहीं पड़ना चाहिए।
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