टिकट मिलने से लेकर जीत तक लक्ष्मण यादव ने अपना मिजाज नही बदला
रणघोष खास. रेवाड़ी
हरियाणा विधानसभा चुनाव में रेवाड़ी सीट पर जब लक्ष्मण यादव को भाजपा ने अपना उम्मीदवार घोषित किया तो कोई शोर नही मचा। बस कुछ जगहों पर सन्नाटा पसर गया जो वाजिब था। टिकट मिलने से एक दिन पहले लक्ष्मण यादव अपने आवास पर अकेले कुर्सी पर मेरी झोपड़ी में राम.. का भजन गुनगुणा रहे थे। चेहरे पर कोई बैचेनी या उतार चढ़ाव नही था। कोई चहल कदमी भी नही थी। उन्हें टिकट मिलने का इशारा मिल चुका था जबकि अन्य दावेदार सूची के इंतजार में सूखते जा रहे थे। अगले दिन टिकट मिलते ही सेक्टर चार में उनके आवास का नजारा बदल गया। देखते ही देखते ही सभी ने अपने हिसाब से काम बांट लिया। जनसंपर्क अभियान में यह नेता यही भजन सुनाना नही भूलता था जिसका विरोधियों ने मजाक भी जमकर उड़ाया लेकिन लक्ष्मण यादव ने कोई परवाह नही की। जिस तरह विरोधी पानी की तरह पैसा बहा रहे थे। वार्ड में पार्षदों को वोट के नाम पर लाखों रुपए के टेंडर जारी होने का माहौल बनता जा रहा था। कुछ समय के लिए लगा की मनी पावर की इस राजनीति में लक्ष्मण यादव कमजोर हो जाएंगे लेकिन उसने बजाय इस खेल का शिकार होने के वोट की खरीद फरोख्त को ही अपने चुनाव प्रचार का बड़ा मुददा बना लिया। जिसका सकारात्मक असर भी पड़ा। रही सही कसर मेवात में कांग्रेस उम्मीदवार मामन खान ने भड़काऊ संप्रादायिक बयान देकर भाजपा के हिंदुत्व एजेंडे को अंदर से ओर मजबूत कर दिया। लक्ष्मण ने अपने पूरे प्रचार में कोई धैर्य नही खोया, बेहद शांत होकर चुनाव लड़ा जबकि कांग्रेस अपनी जीत के प्रति इतनी अति उत्साहित थी की वह जनता की भावनाओं से जुड़े मुददे पर लड़ने की बजाय अनाप शनाप बयानबाजी से अच्छी खासी चर्चा बटोर रही थी। उसने पैकेज वाली कवरेज को ही अपनी असली ताकत समझ लिया था। यहा बता दे की कांग्रेस प्रबंधन ने शुरूआत से ही मीडिया की चुनावी डिमांड को पूरा करते हुए माहौल को अपने पक्ष में मजबूत करने के लिए अच्छा खासा जाल चारों तरफ फैला लिया था जो कुछ दिनों के लिए लक्ष्मण यादव एवं आप प्रत्याशी सतीश यादव के लिए परेशानी का सबब बन गया। चुनाव प्रचार के अंतिम दस दिनों में किसी तरह इस स्थिति पर काबू पा लिया गया। कुल मिलाकर लक्ष्मण यादव का चुनाव प्रचार सलीके से आगे बढ़ रहा था जबकि कांग्रेस कई तरह की उछल कूद करते हुए इस भ्रम में रही की वे सरकार बनाने जा रहे हैं। बस यही मानसिकता कांग्रेस को बड़ी हार दे गई ओर भाजपा को शानदार जीत।