Caste Census Date Update: जनगणना के पहले चरण में नहीं पूछी जाएगी जाति | Govt Clarification

जनगणना शुरू होते ही नहीं पूछी जाएगी जाति, Caste Census के लिए अभी करना होगा इंतजार

भारत में होने वाली आगामी जनगणना को लेकर केंद्र सरकार ने एक बार फिर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। सरकार ने साफ कहा है कि जनगणना की प्रक्रिया शुरू होते ही जाति जनगणना नहीं की जाएगी। इसके लिए लोगों को जनगणना के दूसरे चरण का इंतजार करना होगा।

राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि जाति से जुड़े प्रश्न जनगणना के दूसरे चरण से पहले अधिसूचित किए जाएंगे। यानी पहले चरण में जाति से संबंधित कोई सवाल नहीं पूछा जाएगा।

दो चरणों में होगी जनगणना प्रक्रिया

गृह मंत्रालय के अनुसार, देश में होने वाली जनगणना को दो हिस्सों में बांटा गया है। पहले चरण में हाउसलिस्टिंग और मकानों की गणना की जाएगी, जबकि जाति जनगणना दूसरे चरण के दौरान कराई जाएगी।

सरकार ने बताया कि पूरे देश में मुख्य जनसंख्या गणना का काम फरवरी 2027 से शुरू किया जाएगा। हालांकि, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी और बर्फीले राज्यों के कुछ दुर्गम इलाकों में यह प्रक्रिया सितंबर 2026 में ही शुरू कर दी जाएगी।

भ्रम फैलाने के आरोप, सरकार ने दोहराया अपना रुख

गृह मंत्रालय का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया और समय-सीमा की जानकारी दिसंबर 2025 में ही सार्वजनिक कर दी गई थी। इसके बावजूद कुछ लोग जानबूझकर जाति जनगणना को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी कारण सरकार ने दोबारा बयान जारी कर पूरी प्रक्रिया और तारीखों को स्पष्ट किया है।

पहले चरण में क्या-क्या सवाल पूछे जाएंगे?

सरकार ने 22 जनवरी को पहले चरण के दौरान पूछे जाने वाले 33 प्रश्नों को अधिसूचित किया था। पहले चरण में घरों और परिवारों से जुड़े बुनियादी और सामाजिक-आर्थिक सवाल पूछे जाएंगे। इनमें शामिल हैं—
घर में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री,
घर में रहने वाले विवाहित जोड़ों की संख्या,
घर के मुखिया का लिंग,
उपभोग किए जाने वाले अनाज का प्रकार,
बुनियादी और आधुनिक सुविधाओं तक पहुंच,
परिवार के पास मौजूद वाहनों के प्रकार,
और अन्य सामाजिक-आर्थिक विवरण।

इन सवालों का उद्देश्य देशभर में आवास और जीवन स्तर से जुड़ा विस्तृत डाटा जुटाना है।

हाउसलिस्टिंग की समय-सीमा तय

सरकार के अनुसार, इस साल 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हाउसलिस्टिंग का काम किया जाएगा। हर राज्य अपने स्तर पर 30 दिनों की अवधि तय करेगा। हाउसलिस्टिंग शुरू होने से ठीक पहले 15 दिनों तक लोगों को खुद से जानकारी भरने का विकल्प भी दिया जाएगा।

जाति जनगणना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी

जाति जनगणना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि सत्ताधारी भाजपा का जाति जनगणना कराने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने पीडीए समुदाय को धोखा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनगणना नोटिफिकेशन में जाति के लिए कोई कॉलम ही नहीं है।

वहीं कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठाए हैं और सरकार से जाति जनगणना की समय-सीमा को लेकर स्पष्ट रोडमैप की मांग की है।

कुल मिलाकर, सरकार ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि जाति जनगणना होगी, लेकिन जनगणना के पहले चरण में नहीं, बल्कि दूसरे चरण के दौरान ही इसे शामिल किया जाएगा।