कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और सरकार के बीच शुक्रवार को दूसरे दौर की बातचीत हुई। सीजेपी के प्रवक्ताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के बीच बात हुई। बैठक के बाद सीजेपी के प्रवक्ताओं ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे वाली मांग पर अभी कोई समझौता नहीं हुआ है। वहीं, सरकार की तरफ से अभी किसी मांग पर ‘हां या ना’ की बजाय सिर्फ इतना बताया गया कि सभी पर विचार के बाद कल दोपहर बाद एक बार फिर बैठक होगी। हालांकि, इतना जरूर है कि इस मुलाकात से कम से कम 4 अच्छे संकेत सामने आए हैं।
पहली अच्छी बात, 2 मांगों पर सहमति-
सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि सरकार ने उनकी दो मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया है। दास ने संकेत दिया कि पेपर लीक के बाद खुदकुशी करने वाले स्टूडेंट्स के परिवारों को मुआवजा और आंदोलनकारियों से केस वापस लेने की मांग को सरकार पूरा कर सकती है।
दूसरी अच्छी बात, तीसरी पर भी ‘ना’ नहीं
सीजेपी की सबसे बड़ी मांग है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया जाए। बैठक के बाद सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार ने इस पर कल तक विचार करने का समय मांगा है। वहीं, जेपी नड्डा ने भी कहा कि सरकार ने सीजेपी की मांगों को सुना है और कल तक इस पर विचार करने के बाद आगे की बात होगी।
तीसरी अच्छी बात- सरकार ने शिकायत और सुझावों पर ध्यान दिया
सौरव दास ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों के सामने इस बात को प्रमुखता से उठाया कि बहुत से आंदोलनकारी छात्रों को पुलिस हिरासत में ले रही है। जंतर-मंतर आने जाने वालों को भी पकड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले तो जेपी नड्डा ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं हो रहा है, लेकिन उन्होंने भरोसा दिया कि यदि ऐसा कुछ हुआ है तो इसे रोका जाएगा। वहीं, जेपी नड्डा ने कहा कि सीजेपी की तरफ से उनके सामने 3 मांगों के अलावा सुधार के लिए 5 सुझाव भी आए हैं, जिन पर सरकार विचार करेगी।
चौथी अच्छी बात, बातचीत का रास्ता खुला हुआ
सरकार और सीजेपी के बीच बातचीत का सबसे सकारात्मक पक्ष यह है कि शनिवार को दोपहर बाद तीसरी बार बातचीत होगी। पहले और दूसरे दौर की बातचीत में 4 दिन का वक्त लगा, लेकिन दूसरी और तीसरे दौर की बात में यह अंतर सिर्फ 24 घंटे का होगा। उम्मीद की जा रही है कि दोनों पक्ष आपसी बातचीत से किसी सहमति के बिंदु तक पहुंच सकते हैं।