जयपुर के बगरू इलाके के रामपुरा गांव में 21 अगस्त को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता आशुतोष रांका और उनकी टीम के साथ हुई मारपीट का मामला अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बदल गया है। CJP ने आरोप लगाया कि स्कूल के निरीक्षण के दौरान उन पर हमला करने वाले लोग बीजेपी से जुड़े हुए थे। घटना के बाद यह सवाल भी उठा कि क्या हमले में शामिल लोग वास्तव में बीजेपी कार्यकर्ता थे?
रिपोर्ट में सामने आया कि ग्रामीणों के विरोध की अगुवाई कर रहे लालचंद शर्मा का बीजेपी से पुराना जुड़ाव रहा है। हालांकि, लालचंद का कहना है कि वह अब किसी राजनीतिक पार्टी से नहीं जुड़े हैं। वहीं, विरोध में शामिल एक अन्य ग्रामीण ने साफ कहा कि पूरा गांव ही बीजेपी समर्थक है।
क्या हुआ था 21 अगस्त को?
शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे CJP की 5-7 सदस्यों की टीम रामपुरा गांव के सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने पहुंची थी। CJP ने इस दौरे की घोषणा पहले ही कर रखी थी। टीम के गांव पहुंचने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण स्कूल के पास जमा हो गए।
CJP का आरोप है कि जैसे ही टीम आगे बढ़ी, ग्रामीणों ने उन्हें पीछे धकेलते हुए मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान पत्थरबाजी और गाड़ियों में तोड़फोड़ भी हुई। CJP ने हमले के लिए बीजेपी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया।
हालांकि, गांव में मौजूद ग्रामीणों ने इस आरोप को खारिज किया। उनका कहना था कि उन्होंने CJP की टीम को गांव में आने से रोकने की कोशिश की थी, लेकिन हमला करने की बात सही नहीं है।
लालचंद शर्मा का बीजेपी कनेक्शन कितना पुराना?
लालचंद शर्मा ग्रामीणों के साथ विरोध करते नजर आए। बीजेपी से उनके जुड़ाव को लेकर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि गांव में कोई बीजेपी कार्यकर्ता नहीं है। उनका कहना था कि वह किसी भी पार्टी को वोट दे सकते हैं और फिलहाल किसी राजनीतिक दल से जुड़े नहीं हैं।
लालचंद ने बताया कि उन्हें CJP की टीम के आने की पहले से जानकारी नहीं थी। सुबह मंदिर में दर्शन करने पहुंचे तो बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां मौजूद थे। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि CJP के लोग स्कूल आने वाले हैं।
उनके मुताबिक, ग्रामीणों ने तय किया था कि वे ऐसे लोगों को स्कूल में नहीं आने देंगे, जिन पर देश विरोधी नारे लगाने के आरोप हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल के लिए विधायक फंड से पहले ही पैसा स्वीकृत हो चुका है, इसलिए बाहरी लोगों के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है।
ग्रामीण ने कहा- पूरा गांव ही बीजेपी का
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने शंकरलाल शर्मा उर्फ बागड़ा समेत कुछ लोगों पर हमला करने का आरोप लगाया था। शंकरलाल ने इन आरोपों से इनकार किया।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने CJP की टीम से तीन बार हाथ जोड़कर वापस जाने को कहा था। बीजेपी से संबंध होने के सवाल पर उनका जवाब था कि पूरा गांव ही बीजेपी का है और यहां कांग्रेस का कोई व्यक्ति नहीं है।
गांव के रामअवतार शर्मा ने भी कहा कि स्कूल की मरम्मत के लिए विधायक ने 18 लाख रुपए मंजूर किए हैं। उनका दावा था कि विरोध में कोई बीजेपी नेता या पार्टी कार्यकर्ता शामिल नहीं था, बल्कि ग्रामीण अपने स्तर पर इकट्ठा हुए थे।
विधायक कैलाश वर्मा ने भी ग्रामीणों का बचाव किया
घटना की जानकारी मिलने के बाद बगरू विधायक कैलाश वर्मा मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। विधायक ने कहा कि रामपुरा गांव की पहचान अच्छे गांवों में होती है।
उन्होंने बताया कि स्कूल भवन की अव्यवस्थाओं को देखते हुए 18 लाख रुपए पहले ही स्वीकृत किए जा चुके हैं। CJP प्रवक्ता की ओर से ग्रामीणों को ‘गुंडा’ कहे जाने पर विधायक ने नाराजगी जताई।
विधायक ने सवाल उठाया कि यदि गांव के लोगों ने अपने स्कूल के लिए विरोध किया तो उन्हें गुंडा कहने का अधिकार किसे है?
मंदिर के लिए जुटाया एक करोड़, ग्रामीण बोले- स्कूल भी बना देंगे
विवादित स्कूल से कुछ ही दूरी पर ग्रामीणों ने हाल ही में एक मंदिर का निर्माण कराया है। ग्रामीणों के मुताबिक मंदिर निर्माण के लिए गांव के लोगों ने स्वेच्छा से चंदा दिया।
रामअवतार शर्मा का दावा है कि ग्रामीणों ने मिलकर मंदिर निर्माण पर करीब एक करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार स्कूल की समस्या का समाधान नहीं करती है तो गांव के लोग मिलकर स्कूल का निर्माण भी करवा सकते हैं।
तो क्या हमला बीजेपी ने करवाया?
पड़ताल में यह स्पष्ट है कि विरोध करने वाले ग्रामीणों में बीजेपी समर्थक मौजूद हैं और कम से कम एक प्रमुख व्यक्ति का बीजेपी से पुराना जुड़ाव सामने आता है। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों ने खुद को बीजेपी कार्यकर्ता मानने से इनकार किया है।
दूसरी ओर, CJP का आरोप है कि हमला बीजेपी से जुड़े लोगों ने किया। इसलिए इस मामले में दो अलग-अलग दावे सामने हैं। बीजेपी से वैचारिक या राजनीतिक जुड़ाव और किसी व्यक्ति का पार्टी का अधिकृत कार्यकर्ता होना दोनों अलग बातें हैं।