नोएडा को लेकर अंधविश्वास पर CM योगी का बड़ा खुलासा, कहा- “कुर्सी एक दिन जानी ही है, डर क्यों?”

नोएडा को लेकर अंधविश्वास पर CM योगी का बड़ा बयान, 4 लाख घर खरीदारों को दिलाया हक

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने एक बार फिर नोएडा से जुड़े उस पुराने अंधविश्वास पर खुलकर बात की, जिसमें कहा जाता था कि जो भी मुख्यमंत्री नोएडा जाता है, उसकी कुर्सी चली जाती है। मुख्यमंत्री ने इस धारणा को नकारते हुए बताया कि उन्होंने न केवल इस मिथक को तोड़ा, बल्कि लाखों लोगों को उनका हक भी दिलाया।

“नोएडा यूपी से बाहर है क्या?” – योगी का सवाल

लखनऊ स्थित Dr. Ram Manohar Lohia Institute of Medical Sciences में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब उन्हें बताया गया कि नोएडा नहीं जाना चाहिए क्योंकि इससे कुर्सी चली जाती है, तो उन्होंने इसका सीधा विरोध किया।

उन्होंने कहा, “मैं आस्था का सम्मान करता हूं, लेकिन अंधविश्वास को बिल्कुल नहीं मानता। मुझसे कहा गया कि नोएडा मत जाइए, मैंने पूछा क्या नोएडा यूपी से बाहर है? जब एक दिन कुर्सी जानी ही है तो उसके मोह में क्यों पड़ें?”

अंधविश्वास तोड़कर कई बार पहुंचे नोएडा

मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने इस धारणा को पूरी तरह तोड़ते हुए अपने पहले कार्यकाल में कई बार नोएडा का दौरा किया। न केवल उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया, बल्कि दोबारा मुख्यमंत्री बनकर लौटे, जिससे इस अंधविश्वास की धारणा पूरी तरह कमजोर पड़ गई।

4 लाख घर खरीदारों को दिलाया उनका हक

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि जब वे पहली बार नोएडा पहुंचे, तो उन्हें वहां की जमीनी हकीकत का अंदाजा हुआ। उन्होंने कहा कि करीब 4 लाख घर खरीदार ऐसे थे, जिन्होंने वर्षों पहले अपनी जमा-पूंजी बिल्डरों को दे दी थी, लेकिन उन्हें घर नहीं मिला।

उन्होंने बताया कि कई हाउसिंग प्रोजेक्ट अधूरे पड़े थे और बिल्डिंग्स खंडहर में बदल रही थीं। लोग बैंक का कर्ज चुका रहे थे, लेकिन उन्हें अपने घर का अधिकार नहीं मिल पा रहा था।

अथॉरिटी कर्ज में डूबी, सिस्टम बदहाल

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उन्होंने नोएडा और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों से बैठक की, तो उन्हें पता चला कि संस्थाएं हजारों करोड़ के कर्ज में डूबी हुई हैं। एक अथॉरिटी पर 6000 करोड़ और दूसरी पर 3000 करोड़ रुपये का कर्ज था।

उन्होंने इस स्थिति को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि उस समय ऐसा लग रहा था जैसे पूरा सिस्टम आर्थिक रूप से टूट चुका है।

रिफॉर्म के जरिए बदली तस्वीर

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उन्होंने इस संकट से बाहर निकलने के लिए सख्त फैसले लिए। उन्होंने बिल्डरों से साफ कहा कि उन्हें हर हाल में घर देना होगा। इसके साथ ही सरकार ने नई नीतियां बनाईं, भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई और सिस्टम में सुधार किया।

इन प्रयासों का परिणाम यह रहा कि आज तक करीब 4 लाख लोगों को उनके घर मिल चुके हैं। इतना ही नहीं, जो अथॉरिटी पहले कर्ज में डूबी थीं, वे अब हजारों करोड़ के सरप्लस में आ चुकी हैं।

नोएडा बना निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर का केंद्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नोएडा और ग्रेटर नोएडा देश के सबसे बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश केंद्रों में शामिल हो चुके हैं। यहां तेजी से विकास हुआ है और बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स ने क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है।

अखिलेश यादव पर साधा निशाना

इस दौरान योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के नेता Akhilesh Yadav पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले अंधविश्वास के कारण नोएडा जाने से बचते थे, वही आज विकास की बात करने वहां पहुंच रहे हैं।

योगी ने आरोप लगाया कि पूर्व सरकारों के समय विकास में बाधाएं खड़ी की गईं और परियोजनाओं को जानबूझकर रोका गया।

जेवर एयरपोर्ट के बाद फिर चर्चा में नोएडा

नोएडा हाल ही में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में है, खासकर Noida International Airport के कारण। इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से क्षेत्र में निवेश और कनेक्टिविटी को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।


नोएडा को लेकर वर्षों से चले आ रहे अंधविश्वास को तोड़ते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि विकास के रास्ते में किसी भी तरह की भ्रांतियों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।