नीट पेपर लीक को लेकर केंद्र सरकार को घेरने वाली आम आदमी पार्टी (AAP) अब पंजाब में हुए फार्मेसी अफसर पेपर लीक मामलों में खुद अपनों के ही निशाने पर आ गई है। पंजाब कांग्रेस के सांसदों राजा वारिंग, अमर सिंह, गुरजीत सिंह औजला और उनके साथियों ने संसद भवन परिसर में पंजाब की भगवंत मान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस नेताओं ने पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के तुरंत इस्तीफे की मांग की है।
‘पंजाब में अब तक 6 से ज्यादा पेपर लीक’
प्रदर्शन के दौरान अमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने आम आदमी पार्टी पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “हम लगातार पंजाब के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। केंद्र के शिक्षा मंत्री का इस्तीफा तो हो गया, लेकिन अब पंजाब के मंत्री की बारी है। शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी बच्चों को अच्छी शिक्षा देने की होती है, लेकिन पंजाब में तो लीक हुए पेपर बाजारों में ऊंचे दामों पर सरेआम बेचे जा रहे थे। पंजाब में अब तक 6 से ज्यादा पेपर लीक हो चुके हैं।”
औजला ने आगे कहा कि दिल्ली में AAP के लोग बीजेपी से इस्तीफा मांगते हैं और बीजेपी वाले पंजाब सरकार से। सच तो यह है कि बीजेपी और आम आदमी पार्टी एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
नाटक करने से काम नहीं चलेगा: कांग्रेस
सांसद अमर सिंह ने भी भगवंत मान सरकार को घेरते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी दिल्ली के जंतर-मंतर पर तो छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन करने का ढोंग करती है, लेकिन जब बात पंजाब के छात्रों की आती है तो मुंह फेर लेती है।
उन्होंने कहा, “पंजाब में बार-बार पेपर लीक हो रहे हैं। हमारी मुख्यमंत्री भगवंत मान से सीधी मांग है कि वे तुरंत अपने शिक्षा मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा लें। दिल्ली में विरोध का नाटक करने से काम नहीं चलेगा, पंजाब में भी पेपर लीक माफिया पर कड़ी कार्रवाई करनी होगी।”
फार्मेसी अफसर परीक्षा का पेपर लीक
पंजाब में हाल ही में 19 जुलाई को हुई फार्मेसी अफसर की परीक्षा में नकल का मामला सामने आया, जिसे लेकर विपक्ष और सरकार आमने-सामने हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दावा किया है कि राज्य में कोई पेपर लीक नहीं हुआ है, बल्कि यह ब्लूटूथ पेन के जरिए नकल का मामला था जिसमें कार्रवाई की गई।
19 जुलाई को बाबा फरीद यूनिवर्सिटी की तरफ से फार्मेसी अफसर के 454 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा शुरू होने के तुरंत बाद ब्लूटूथ और डिजिटल पेन के जरिए बाहर बैठे लोगों तक पेपर पहुंचाकर नकल कराने वाले एक गिरोह का खुलासा हुआ।
पुलिस ने इस मामले में छात्रों और गैंग के सदस्यों समेत लगभग 31 से 35 लोगों को हिरासत में लिया और गिरफ्तार किया। सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान का कहना है कि पिछले साढ़े चार वर्षों में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है, यह केवल नकल की एक नाकाम कोशिश थी।
कांग्रेस, बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल जैसी विपक्षी पार्टियों ने इसे बड़ा मुद्दा बनाते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग की है।