पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों से कथित तौर पर लाखों डॉलर की वसूली की खबरों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। यह वही समुद्री मार्ग है, जहां से दुनिया की बड़ी मात्रा में तेल और गैस की सप्लाई गुजरती है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के एक वरिष्ठ सांसद अलादीन ब्रूजेर्दी ने दावा किया है कि युद्ध की लागत को देखते हुए यह कदम उठाया गया है और अब इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को ट्रांजिट शुल्क देना होगा। उनका कहना है कि “जब युद्ध होता है, तो उसकी कीमत भी चुकानी पड़ती है, इसलिए यह स्वाभाविक कदम है।”
अमेरिका की सख्त चेतावनी, ट्रंप का 48 घंटे का अल्टीमेटम
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 48 घंटे के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से नहीं खोला गया, तो ईरान के बिजली और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया जाएगा।
यह बयान उस समय आया है जब अमेरिकी नौसैनिक ताकतें तेजी से पश्चिम एशिया की ओर बढ़ रही हैं। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के प्रतिनिधियों ने भी साफ कर दिया है कि वे दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति को किसी भी कीमत पर बाधित नहीं होने देंगे।
ईरान का पलटवार: इजरायल को भी दी चेतावनी
ईरान ने अमेरिका की चेतावनी का तीखा जवाब दिया है। ब्रूजेर्दी ने कहा कि अगर अमेरिका हमला करता है, तो ईरान के पास इजरायल के ऊर्जा ढांचे को “एक दिन के भीतर पूरी तरह नष्ट करने” की क्षमता है।
इसके अलावा, ईरानी सेना ने भी साफ कहा है कि यदि उनके बिजली संयंत्रों पर हमला हुआ, तो होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा और तब तक नहीं खोला जाएगा जब तक उनका पुनर्निर्माण नहीं हो जाता।
दुनिया पर असर: तेल से लेकर शेयर बाजार तक संकट
विशेषज्ञों का मानना है कि यह संकट केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक असर डाल सकता है।
आईजी मार्केट के विश्लेषक टोनी साइकैमोर के अनुसार,
“ट्रंप की 48 घंटे की चेतावनी ने बाजारों पर अनिश्चितता का बड़ा खतरा खड़ा कर दिया है। अगर हालात नहीं सुधरे, तो दुनिया भर के शेयर बाजारों में गिरावट और तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा जा सकता है।”
क्यों इतना महत्वपूर्ण है होर्मुज जलडमरूमध्य?
- दुनिया के कुल तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा यहीं से गुजरता है
- खाड़ी देशों से निकलने वाला तेल इसी रास्ते से वैश्विक बाजार तक पहुंचता है
- यहां किसी भी तरह की बाधा का सीधा असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ता है
क्या बन सकता है बड़ा युद्ध?
मौजूदा हालात को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है।
एक तरफ अमेरिका की सख्त चेतावनी, दूसरी ओर ईरान की खुली चुनौती—दोनों के बीच टकराव की संभावना लगातार बढ़ती जा रही है।
अगर होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद होता है, तो यह केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक संकट की शुरुआत भी हो सकती है।
निष्कर्ष
ईरान द्वारा जहाजों से वसूली, अमेरिका की सैन्य तैयारी और ट्रंप का अल्टीमेटम—इन सभी घटनाओं ने मिलकर एक ऐसा माहौल बना दिया है, जो आने वाले दिनों में विश्व राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों को प्रभावित कर सकता है। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अगले 48 घंटे में ईरान क्या फैसला लेता है।