देश की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और उससे जुड़े आतंकी संगठन देश के दर्जनभर राज्यों में “हाइब्रिड आतंकियों” का नेटवर्क तैयार कर रहे हैं।
यह खुलासा उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में हुई लगातार कार्रवाई के बाद सामने आया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर ला दिया है।
RDX के साथ आरोपी गिरफ्तार, बड़ा नेटवर्क उजागर
एसटीएफ और खुफिया एजेंसियों ने कार्रवाई करते हुए अंबाला में तीन आरोपियों को आरडीएक्स के साथ गिरफ्तार किया। इनमें
- अकबर अली (अजमेर)
- अनस (मेरठ)
- जगबीर (अंबाला)
शामिल हैं। ये सभी पाकिस्तान के गैंगस्टर और ISI से जुड़े शहजाद भट्टी के संपर्क में थे।
वहीं, एक अन्य आरोपी मक्खनदीप (पंजाब) फरार बताया जा रहा है।
उसी दिन गाजियाबाद में भी कार्रवाई करते हुए सुहेल मलिक समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी खुफिया एजेंसियों के इनपुट पर की गई।
दिल्ली-NCR में सोलर कैमरों से कराई जा रही थी रेकी
जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के निर्देश पर दिल्ली और आसपास के इलाकों में सोलर कैमरे लगवाकर संवेदनशील स्थानों की रेकी कराई जा रही थी।
इस मॉड्यूल से जुड़े कुल 9 आरोपियों को 20 मार्च को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 5 नाबालिग भी शामिल हैं।
इसके अलावा, हापुड़ और मेरठ से भी दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो वीडियो कॉल के जरिए सीधे पाकिस्तान में बैठे आकाओं के संपर्क में थे।
12 राज्यों में फैला नेटवर्क, ‘हाइब्रिड आतंकियों’ की तैयारी
खुफिया एजेंसियों की जांच में यह सबसे बड़ा खुलासा हुआ है कि यह नेटवर्क केवल एक राज्य तक सीमित नहीं है।
बताया जा रहा है कि:
- बिहार
- झारखंड
- उत्तर प्रदेश
- उत्तराखंड
- हरियाणा
- पंजाब
- राजस्थान
- आंध्र प्रदेश
- केरल
- कश्मीर
समेत 12 से अधिक राज्यों में ISI ने अपनी पकड़ बना ली है।
“हाइब्रिड आतंकी” ऐसे स्थानीय युवक होते हैं, जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होता। यही कारण है कि इन्हें पहचानना और ट्रैक करना बेहद मुश्किल होता है।
संवेदनशील ठिकानों की रेकी का टास्क
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि उन्हें देश के महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थानों की जानकारी जुटाने का काम सौंपा गया था।
एक आरोपी नौशाद को:
- दिल्ली कैंट क्षेत्र
- झारखंड के देवघर मंदिर
की वीडियो और लोकेशन जुटाने का टास्क दिया गया था, जिसे पाकिस्तान भेजा जाना था।
रेल जिहाद से भी जुड़ सकते हैं तार
जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क को “रेल जिहाद” साजिश से भी जोड़कर देख रही हैं।
हाल ही में देशभर में रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाने, ट्रेनों को पटरी से उतारने और बड़े हादसे की साजिश की घटनाएं सामने आई थीं।
गाजियाबाद में पकड़े गए मॉड्यूल ने रेलवे स्टेशन, मेट्रो और रैपिड रेल स्टेशनों पर कैमरे लगाकर जानकारी भेजने की बात भी कबूल की है।
देवबंद में मौलाना से पूछताछ, छोड़ने की खबर
इस पूरे मामले में देवबंद क्षेत्र के एक मौलाना को भी यूपी एटीएस द्वारा हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
बताया जा रहा है कि वह हाल ही में ईरान से पढ़ाई करके लौटे थे और उनसे करीब चार घंटे तक पूछताछ हुई।
जांच जारी, एजेंसियां अलर्ट
इस पूरे मामले की जांच में
- इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB)
- एटीएस
- आर्मी इंटेलिजेंस
जैसी एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।
गिरफ्तार आरोपियों के डिजिटल फुटप्रिंट और संपर्कों को खंगाला जा रहा है, जिससे आने वाले समय में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
निष्कर्ष
देश में ISI द्वारा फैलाया जा रहा यह “हाइब्रिड आतंकी नेटवर्क” सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। स्थानीय युवाओं को बहला-फुसलाकर आतंकी गतिविधियों में शामिल करना एक नई रणनीति है, जिससे निपटना सुरक्षा एजेंसियों के लिए और भी कठिन हो गया है।
फिलहाल, एजेंसियां सतर्क हैं और इस नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही हैं।