भारत अपनी समुद्री ताकत और वैश्विक कूटनीति का भव्य प्रदर्शन करने जा रहा है। विशाखापत्तनम में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR 2026) और एक्सरसाइज मिलन (MILAN 2026) के लिए दुनिया भर की नौसेनाओं का जमावड़ा शुरू हो गया है। इस ऐतिहासिक आयोजन में 65 देशों की भागीदारी हो रही है, जो इसे अब तक के सबसे बड़े समुद्री आयोजनों में शामिल करता है।
भारतीय नौसेना ने इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और बांग्लादेश के युद्धपोतों का विशाखापत्तनम पहुंचने पर स्वागत किया। इससे पहले थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के जहाज भी यहां पहुंच चुके हैं।
किन-किन देशों के जहाज पहुंचे?
इंडोनेशिया की नौसेना का फ्रिगेट KRI Bung Tomo-357 विशाखापत्तनम पहुंचा। पूर्वी नौसेना कमान ने ‘Selamat Datang’ कहकर उनका अभिनंदन किया।
संयुक्त अरब अमीरात का नौसैनिक कोर्वेट Al-Emarat भी इस बहुराष्ट्रीय अभ्यास का हिस्सा बना है, जो भारत और यूएई के मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को दर्शाता है।
पड़ोसी देश बांग्लादेश का फ्रिगेट BNS Somudra Avijan भी इस बेड़े में शामिल हो चुका है, जिससे क्षेत्रीय सहयोग का संदेश गया है।
IFR 2026: राष्ट्रपति करेंगी समुद्र में समीक्षा
18 फरवरी को समुद्र में आयोजित होने वाले इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू की समीक्षा भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी।
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कुल 71 जहाज इस आयोजन में शामिल होंगे।
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इन्हें समुद्र में छह पंक्तियों में व्यवस्थित किया जाएगा।
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इनमें भारतीय नौसेना के 45 जहाज, 19 विदेशी युद्धपोत और शेष भारतीय कोस्ट गार्ड, मर्चेंट नेवी व अनुसंधान पोत शामिल होंगे।
इस भव्य समारोह का मुख्य आकर्षण भारत का स्वदेशी विमानवाहक पोत INS विक्रांत रहेगा, जो पहले ही विशाखापत्तनम पहुंच चुका है।
एक्सरसाइज MILAN 2026: 4 से 65 देशों तक का सफर
1995 में केवल चार देशों के साथ शुरू हुआ ‘मिलन’ अभ्यास अब एक विशाल अंतरराष्ट्रीय मंच बन चुका है।
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इस वर्ष 65 देशों की नौसेनाएं भाग ले रही हैं।
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उद्देश्य: समुद्री सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देना और मित्र देशों के बीच पेशेवर तालमेल मजबूत करना।
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‘मिलन विलेज’ की स्थापना की गई है, जहां 70 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के लिए सांस्कृतिक और मैत्री कार्यक्रम आयोजित होंगे।
इंटरनेशनल सिटी परेड
19 फरवरी की शाम विशाखापत्तनम के बीच रोड पर भव्य इंटरनेशनल सिटी परेड आयोजित की जाएगी।
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इस परेड में 45 सैन्य दल भाग लेंगे।
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7 से 8 विदेशी बैंड सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे।
समुद्री शक्ति और कूटनीति का संगम
IFR 2026 और MILAN 2026 केवल सैन्य प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती समुद्री कूटनीति और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उसकी सक्रिय भूमिका का संकेत हैं।
INS विक्रांत की मौजूदगी और 71 जहाजों का महासंगम यह दिखाता है कि भारत अब समुद्री सुरक्षा, सहयोग और रणनीतिक साझेदारी के केंद्र में अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर चुका है।
विशाखापत्तनम में जुटी यह वैश्विक नौसैनिक शक्ति आने वाले समय में समुद्री क्षेत्र में भारत की भूमिका को और मजबूत करने का संकेत दे रही है।